जेपीएससी : नौकरी की फैक्ट्री या विवादों का हेडक्वार्टर?  अब तक 11 बड़ी परीक्षाएं रही विवादों में रही

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और विवाद, ये दो ऐसे शब्द हैं जो राज्य गठन के बाद से ही एक-दूसरे के...

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और विवाद, ये दो ऐसे शब्द हैं जो राज्य गठन के बाद से ही एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं. जिस संस्था पर राज्य के क्रीम  यानी भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को चुनने की जिम्मेदारी थी, वह पिछले दो दशकों से भ्रष्टाचार, धांधली और अदालती चक्करों की प्रयोगशाला  बनकर रह गई है. ताजा मामला रविवार को हुई झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) का है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि तकनीक और दावों के बावजूद जेपीएससी का इंतजाम आज भी राम भरोसे है.

18 साल का इंतजार और जेट हो गया कुप्रबंधन का शिकार

करीब 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रविवार यानि 25 अपैल को झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) का आयोजन हुआ. अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि इस बार व्यवस्था चाक-चौबंद होगी, लेकिन रांची और बोकारो के केंद्रों से जो तस्वीरें आईं, उन्होंने आयोग की तैयारियों की पोल खोल दी. बोकारो के सरदार पटेल पब्लिक स्कूल में एजुकेशन विषय के 32 प्रश्नपत्र कम पड़ गए. शिक्षा और उड़िया कू परीक्षा रद्द करना पड़ी.

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स्थापना से अब तक विवादों से रहा है गहरा नाता

  • प्रथम और द्वितीय जेपीएससीः यह वह दौर था जब जेपीएससी में पिक एंड चूज की नीति चली. दूसरी जेपीएससी परीक्षा में तो भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो गईं. तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद सहित कई सदस्यों को जेल की हवा खानी पड़ी. मामला सीबीआई तक गया और 19 अधिकारियों की सेवा समाप्त करने तक की नौबत आई.
  • तीसरी और चौथी परीक्षा: इन परीक्षाओं में भी आरक्षण नियमों की अनदेखी और कॉपियों के मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे. मामला हाईकोर्ट पहुंचा और वर्षों तक नियुक्तियां लटकी रहीं.
  • छठी जेपीएससी का महाविवाद: यह परीक्षा राज्य के इतिहास में सबसे विवादित रही. 2016 में शुरू हुई प्रक्रिया 2020 में पूरी हुई. मेरिट लिस्ट बनाने में क्वालिफाइंग पेपर के अंक जोड़ने के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे. हाईकोर्ट ने इस परीक्षा के रिजल्ट को रद्द करते हुए नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया था.
  • 7वीं से 10वीं जेपीएससी: लोहरदगा और साहिबगंज के केंद्रों से एक ही कमरे में बैठे दर्जनों अभ्यर्थी क्रमवार पास हो गए. इसके बाद आयोग ने 49 अभ्यर्थियों को यह कहकर बाहर किया कि उनकी ओएमआर शीट ही गायब थी, फिर भी उन्हें सफल घोषित कर दिया गया था.
  • 11वीं जेपीएससी : हाल ही में हुई इस परीक्षा के दौरान जामताड़ा और चतरा में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद राज्य भर में विरोध प्रदर्शन हुए.
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