Ranchi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े और धांधली के सिंडिकेट पर सीआईडी का शिकंजा कसता जा रहा है. जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में खुद सफल होने के साथ-साथ अपने रिश्तेदारों और कई अभ्यर्थियों को पास कराने वाले मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को सीआईडी ने तीन दिनों की रिमांड पर लिया है. सीआईडी की टीम तीनों आरोपियों से जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में पूछताछ कर रही है.

एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर से ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर तक का सफर
जांच में सामने आया है कि अभय कुमार तिवारी जेपीएससी की परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) में बतौर मार्केटिंग मैनेजर कार्यरत था.उसकी गिरफ्तारी जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच के दौरान गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से हुई थी, जहां वह ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात था. वहीं, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना (कांड संख्या 01/2025) में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
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17 सदस्यीय SIT कर रही है पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व में 17 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है. एसआईटी अब तक इस मामले से जुड़े 37 से अधिक संदिग्धों और आरोपियों के बयान दर्ज कर चुकी है. इन बयानों से मिले महत्वपूर्ण तथ्यों और सुरागों के आधार पर ही रिमांड के दौरान तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की जा रही है.
5 दिनों की पूछताछ के बाद तीन अभ्यर्थी वापस बिरसा मुंडा जेल भेजे गए
दूसरी ओर, जेपीएससी की 14वीं प्रतियोगिता परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए सफलता हासिल करने वाले तीन अभ्यर्थियों उमाकांत उरांव, मनोज कुमार और रोशन केरकेट्टा को पांच दिनों की सीआईडी रिमांड के बाद वापस रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है. उमाकांत उरांव मूल रूप से लोहरदगा के जुरियो का निवासी है और बरियातू (रांची) से गिरफ्तार हुआ था. यह खुद अभ्यर्थी होने के साथ-साथ गिरोह में एजेंट की भूमिका भी निभा रहा था. इसके अलावा रोशन केरकेट्टा जो नगड़ी (रांची) का निवासी है और सदर थाना क्षेत्र के कोकर से पकड़ा गया था और मनोज कुमार रांची के धुर्वा (सेक्टर-3) का निवासी है.

