Koderma: जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत पचखेरो जलाशय योजना के बंदोबस्तधारी विस्थापितों ने मछली चोरी और रंगदारी वसूली का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को मरकच्चो थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. बंदोबस्तधारियों का आरोप है कि जलाशय में डाली गई मछलियों को जबरन मारकर बेच दिया गया, जिससे समितियों को करीब 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.
10 वर्षों के लिए मिला है बंदोबस्त
जानकारी के अनुसार, पचखेरो जलाशय योजना में मत्स्य पालन और मत्स्य बीज विपणन के लिए लक्ष्मी विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड, वर्मा विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड, कुशवाहा विस्थापित मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड तथा अर्कोशा पुनर्वास मरकच्चो को जिला मत्स्य पदाधिकारी कोडरमा द्वारा वर्ष 2021 से मार्च 2031 तक 10 वर्षों का बंदोबस्त दिया गया है.
जबरन मछली मारकर बेचने का आरोप
बंदोबस्तधारियों ने आरोप लगाया है कि सीताराम पासवान, विकास पासवान (ग्राम गोरहांद, थाना राजधनवार), शत्रुघ्न साहनी, रंजीत साहनी, जयराम साहनी, कुंदन साहनी (ग्राम मझौल, थाना चोरियांबरियार, जिला बेगूसराय, बिहार) और श्यामसुंदर राणा सहित अन्य लोगों ने जलाशय में पहुंचकर जबरन मछली मारी और बेच दी. समिति के सदस्यों का कहना है कि जलाशय में मछली बीज डालने और पालन में काफी खर्च किया जाता है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा मछली मारकर बेच दिए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पुलिस से कार्रवाई की मांग
तीनों समितियों के सचिव माहेश्वरी कुशवाहा, कामदेव प्रसाद वर्मा और संजय कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से थाना में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जलाशय में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
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