Koderma: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई. बैठक में उपायुक्त ने पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में हुई कार्रवाई की जानकारी ली. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेश के आलोक में मानसून अवधि 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक बालू घाटों से बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा. डीसी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी बालू घाटों से खनन नहीं हो तथा इसकी नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित अवधि में बालू का अवैध खनन, भंडारण अथवा परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सभी अंचलाधिकारियों, थाना प्रभारियों, खनन विभाग एवं संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को आपसी समन्वय स्थापित कर लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
माइका एवं ब्लू स्टोन खनिज के अवैध खनन पर निगरानी के निर्देश
वन क्षेत्र के अंतर्गत पत्थर, माइका एवं ब्लू स्टोन खनिज के अवैध खनन और परिवहन पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी. अवैध गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई की जाएगी. इसके अतिरिक्त, जिले में संचालित खनन पट्टों एवं क्रशर इकाइयों के संचालकों को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया गया. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध जुर्माना, संचालन पर रोक तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला, अपर समाहर्ता संजय पीएम कूजूर, अनुमंडल पदाधिकारी निर्मल सोरेन, उप निर्वाचन पदाधिकारी विजय कुमार सोनी, खनन निरीक्षक समेत पदाधिकारी व अन्य मौजूद रहे.
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