Koderma: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने अपहरण कर हत्या और साक्ष्य छिपाने के एक मामले में एक और आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.न्यायालय ने ST-54/2024 मामले में अमरजीत सिंह उर्फ भूलटन, पिता अजय सिंह, 31 वर्ष, निवासी फतेहपुर, थाना सिरदला, जिला नवादा, बिहार को धारा 302 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं धारा 304 आईपीसी के तहत 2 वर्ष सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
क्या है मामला
यह घटना वर्ष 2023 की है. मृतक प्रदीप पंडित की पत्नी सुनीता देवी ने तिलैया थाना में कांड संख्या 258/2023 दर्ज कराया था. आवेदन में कहा गया था कि 21-10-2023 को उसके पति को दलजीत सिंह कोडरमा लेकर गए थे. प्रदीप दलजीत सिंह के यहां ड्राइवर के रूप में काम करता था. उसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था. सुनीता देवी ने पति के अपहरण में दलजीत सिंह का हाथ होने की आशंका जताई थी. बाद में पुलिस जांच में शव को बंद खदान में फेंका हुआ पाया गया था.
कोर्ट में क्या हुआ
मामले में अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. उन्होंने सभी गवाहों का परीक्षण कराया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता जयप्रकाश नारायण ने दलीलें पेश कीं. दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अमरजीत सिंह को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई. बताते चलें कि इस कांड के एक अन्य आरोपी को न्यायालय 16 मई को ही आजीवन कारावास की सजा सुना चुका है.
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