Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े 8.86 एकड़ लैंड स्कैम मामले में अब कानूनी फैसला करीब है. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही पीएमएलए की विशेष अदालत में सोरेन की ‘डिस्चार्ज पिटीशन’ (आरोप मुक्त करने की याचिका) पर शनिवार को दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई जिसके बाद अब अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय और बचाव पक्ष को 8 मई 2026 तक लिखित बहस जमा करने का निर्देश दिया है.अब दोनों पक्षों की ओर से लिखित जवाब दाखिल होने के बाद कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा. बता दें कि सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को याचिका दायर कर खुद को निर्दोष बताते हुए केस से मुक्त करने की गुहार लगाई थी.
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पूरा घटनाक्रम एक नजर में
• गिरफ्तारी: ईडी ने लंबी पूछताछ और छापेमारी के बाद 31 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था.
• जमानत: करीब पांच महीने जेल में रहने के बाद, 28 जून 2024 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली.
• चार्जशीट: ईडी ने मुख्यमंत्री समेत लगभग डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें जमीन कारोबारियों और बिचौलियों की संलिप्तता का दावा किया गया है.
