ट्रेजरी स्कैम मामले में पूछताछ का आज अंतिम दिन, मेडिकल के लिया आरोपियों को भेजा गया सदर अस्पताल

Ranchi: राज्य में ट्रेजरी स्कैम मामले में सीआईडी की टीम पूछताछ कर रही है. पूछताछ का आज अंतिम दिन है. इसके बाद...

Ranchi: राज्य में ट्रेजरी स्कैम मामले में सीआईडी की टीम पूछताछ कर रही है. पूछताछ का आज अंतिम दिन है. इसके बाद फिर सभी आरोपी को वापस भेज दिया जाएगा. इसके पहले सभी आरोपियों की मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है. मेडिकल होने के बाद फिर आरोपियों से पूछताछ होगी.

बैंक ट्रांजैक्शन को लेकर पूछे गए सवाल

कल एसआईटी की टीम ने 11 बजे से शाम 6 बजे तक पूछताछ किया था. कल की पूछताछ में सीआईडी को जानकारी मिली है कि सिपाही शंभू सिंह के इशारे पर उनके सहयोगी साइन कराते थे. जिसके बाद रकम की निकासी होती थी. इसके अलावा सीआईडी की टीम ने बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन को लेकर कई सवाल किए थे. इस पूछताछ में सिपाही शंभू सिंह की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. वहीं सीआईडी को बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन को लेकर अभी और जानकारियां हासिल करना बाकी है.

आला अधिकारी रहे मौजूद

इस पूछताछ में सीआईडी के कई आला अधिकारी मौजूद थे. सीआईडी की टीम इस घोटाले से संबंधित सभी जानकारियां हासिल करना चाह रही है. यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम को कहां-कहां निवेश किया गया है. फिलहाल इन सभी आरोपियों से सीआईडी की टीम आज फिर पूछताछ करेगी.

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राज्यभर में चर्चा का विषय बना घोटाला

राज्य के अलग-अलग जिलों में हुए ट्रेजरी घोटाले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस घोटाले में शामिल सभी लोग पुलिस विभाग से जुड़े बताए जा रहे हैं और सबकी मिलीभगत से इतनी बड़ी घोटाले को अंजाम दिया गया है. मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा खतरों को देखते हुए पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क है. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता सुरक्षा घेरे के बीच आरोपियों को रांची लाया गया था, जहां जांच एजेंसियां आज फिर पूछताछ करने वाली हैं.

करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला

ट्रेजरी स्कैम सरकारी राजस्व में हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. विभाग के कुछ कर्मचारियों और बाहरी बिचौलियों की मिलीभगत से इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया. जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने से इस घोटाले में शामिल कई अन्य सफेदपोशों और बड़े अधिकारियों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.

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