Chakradharpur: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा एवं बाल अधिकार सुरक्षा मंच के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बंदगांव प्रखंड में विधिक जागरूकता शिविर सह प्रभात फेरी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के तहत करोड़ीह से बंदगांव तक प्रभात फेरी निकाली गई. इस दौरान लोगों को बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि वर्ष 2002 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा विश्व बाल श्रम निषेध दिवस की शुरुआत की गई थी. इसका उद्देश्य सरकारों, संस्थाओं और आम लोगों को बाल श्रम के खिलाफ एकजुट करना तथा इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाना है.
बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता का दिया गया संदेश
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि बचपन पढ़ने, सीखने और खेलने के लिए होता है, न कि मजदूरी करने के लिए. सभी ने संकल्प लिया कि अपने आसपास किसी भी बच्चे से मजदूरी नहीं कराई जाएगी तथा बाल श्रम की किसी भी घटना की जानकारी संबंधित विभागों को दी जाएगी. शिविर में बताया गया कि भारतीय कानून के तहत प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है. बाल अधिकारों के उल्लंघन या बाल श्रम से संबंधित मामलों में पीड़ित बच्चे, उनके अभिभावक अथवा कोई भी जागरूक नागरिक पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098/15100 या जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में बंदगांव प्रखंड के अधिकार मित्र जिदन मुंडू, मंजुला हमसाय, पिंकी बोदरा, राजेश कुमार नायक, गंगाराम गागराई, अनिता बोदरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई. कार्यक्रम के माध्यम से बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया.

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