Lohardaga : मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड की ओर से शहर के बड़ा तालाब में 5 क्विंटल मछली का जीरा छोड़ा गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य तालाब में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना और स्थानीय मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों ने बताया कि समय समय पर तालाब में मछली का जीरा छोड़े जाने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होती है. जिससे मत्स्यजीवी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा.
मत्स्य पालन रोजगार का माध्यम
अंजुमन इस्लामिया के नाजीमे आला हाजी जब्बारुल अंसारी ने इस अवसर पर कहा कि बड़ा तालाब शहर की धरोहर है और इसके संरक्षण के साथ साथ इसका सदुपयोग भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. जिससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है. ऐसे प्रयासों से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.
उन्होंने आगे कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज एवं क्षेत्र का विकास संभव है. यदि सभी लोग मिलकर सार्वजनिक संसाधनों के संरक्षण और उपयोग में सहयोग करें, तो इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा.
मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
लोहरदगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड के पदाधिकारियों ने बताया कि समिति आगे भी मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य करेगी. जिससे जुड़े लोगों को अधिक लाभ मिल सके और क्षेत्र में मत्स्य व्यवसाय को नई दिशा प्रदान की जा सके. इस अवसर पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर, वार्ड पार्षद अभिषेक कुमार सूर्या, सचिन, तौहीद अंसारी, अख्तर अंसारी, इम्तियाज खलीफा, अरुण रशीद, मुर्तुजा अंसारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
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