Lohardaga: टाउन हॉल में बुधवार को जनजातीय शिल्पकार पंजीकरण मेला आयोजित किया गया.TRIFED, क्षेत्रीय कार्यालय झारखंड-बिहार के आयोजन में करीब 70 जनजातीय कारीगरों और उत्पादकों ने हिस्सा लिया.
पारंपरिक कला की दिखी झलक
मेले में जनजातीय पेंटिंग, बांस की टोकरियां, सजावटी सामान, जैविक शहद, स्थानीय चावल, प्राकृतिक तेल, वनोपज, धातु और पत्थर की कलाकृतियां समेत कई उत्पाद प्रदर्शित किए गए.
TRIFED से मिलेगा बाजार
मेले का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को TRIFED के साथ पंजीकृत करना रहा. चयनित उत्पादों को ‘Tribes India’ के माध्यम से देशभर के बाजारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी.
पैकेजिंग और मार्केटिंग पर जोर
अधिकारियों ने कारीगरों के उत्पादों का निरीक्षण कर गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन को लेकर सुझाव दिए. इससे कारीगरों को बेहतर कीमत और नए व्यावसायिक अवसर मिलने की उम्मीद है.
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
ITDA की निदेशक-सह-परियोजना निदेशक सुषमा सोरेंग ने कहा कि जनजातीय कला सांस्कृतिक विरासत है. उचित बाजार मिलने से कारीगरों की आय बढ़ने के साथ पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिलेगी.
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