Bihar: बिहार में आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने पटना को चार प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इन परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की मंजूरी दे दी गई.
पटना से चार शहरों तक दौड़ेगी रैपिड रेल
सरकार की योजना के तहत रैपिड रेल नेटवर्क के लिए चार प्रमुख कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी पटना और आसपास के शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी.

इन चार रूटों पर प्रस्तावित है रैपिड रेल
- पटना – मुजफ्फरपुर (हाजीपुर और सोनपुर होते हुए)
- पटना – बेगूसराय
- पटना – आरा
- पटना – गया जी
इन कॉरिडोर के निर्माण से लाखों यात्रियों को रोजाना बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद है.
NCRTC तैयार करेगा DPR और AAR
परियोजना के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को सौंपी गई है. गौरतलब है कि NCRTC दिल्ली-एनसीआर में रैपिड रेल परियोजनाओं का सफल संचालन और विकास कर रहा है. अब उसी मॉडल पर बिहार में भी आधुनिक रैपिड रेल नेटवर्क विकसित करने की तैयारी की जा रही है.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद बढ़ेगा प्रोजेक्ट का काम
कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद अब परियोजना के तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा. DPR तैयार होने के बाद रूट, लागत, स्टेशन और निर्माण की विस्तृत योजना तय की जाएगी.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया ऐतिहासिक फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि रैपिड रेल परियोजना बिहार के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित होगी. उनके अनुसार इस योजना से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और आर्थिक व शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी.


