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मुंगेर में ED की बड़ी कार्रवाई: डिजिटल जॉब और पैसा दोगुना करने के नाम पर 11.67 करोड़ की ठगी, 5 ठिकानों पर छापेमारी

News Wave Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना जोनल ऑफिस ने बिहार के मुंगेर जिले में निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में...

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मुंगेर में ED की बड़ी कार्रवाई

News Wave Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना जोनल ऑफिस ने बिहार के मुंगेर जिले में निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है.ईडी की टीम ने छह अगस्त को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मुंगेर के पांच ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई ‘M/s Jollywood Music Industries Pvt. Ltd.’ और ‘M/s DLMS Jollywood Music Pvt. Ltd.’ नाम की कंपनियों द्वारा किए गए धोखाधड़ी के मामले में की गई है. इन कंपनियों का संचालन मुंगेर के एक ही परिवार द्वारा किया जा रहा था, जिसका मुख्य आरोपी जितेंद्र कुमार राजीव और उसके सहयोगी हैं.

‘डिजिटल जॉब’ और कार-बाइक का लालच देकर फंसाया:

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आम लोगों, विशेषकर गरीब और सीधे-सादे निवेशकों को डिजिटल जॉब और पैसे दोगुना करने का झांसा देकर फंसाया. ठगी का तरीका बेहद शातिराना था.
निवेशकों को 2.56 लाख का निवेश करने और कंपनी की वेबसाइट पर हर महीने 4,800 ऑडियो वीडियो देखने पर 15,000 प्रति माह कमाने का लालच दिया गया था. नए निवेशकों को जोड़ने पर अतिरिक्त बोनस, जबकि ज्यादा लोगों को जोड़ने वालों को बाइक और कार देने का वादा भी किया गया था. इसके अलावा निवेशकों से दो मुख्य स्लैब के तहत सिक्योरिटी मनी जमा कराई गई थी.

जानिए कैसे दिया ठगी को अंजाम:

पैसे जुटाने के बाद कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने जानबूझकर वेबसाइट की स्पीड धीमी कर दी. इससे यूज़र्स के लिए महीने में 4,800 वीडियो देखने का टास्क पूरा करना तकनीकी रूप से असंभव हो गया. इस जानबूझकर की गई तकनीकी गड़बड़ी के कारण निवेशक पेआउट पाने की शर्तें पूरी नहीं कर सके और उनके पैसे फंस गए. इस पूरी योजना के तहत लगभग 11.67 करोड़ की राशि का निवेश कराकर ठगी की गई.

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संपत्ति और दस्तावेजों की जब्ती:

इस मामले की शुरुआत जमालपुर, मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों में दर्ज BNS, 2023 की प्राथमिकी के आधार पर हुई थी, जिसमें जितेंद्र कुमार राजीव, धीरज कुमार और अन्य को नामजद किया गया था. ईडी ने 2025 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली.
जांच में पता चला कि ठगे गए पैसों को अचल संपत्तियों की खरीद में डाइवर्ट किया गया था। इसके बाद ईडी ने कंपनी के निदेशकों, सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों, गायकों और अन्य सहयोगियों के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान अचल संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खातों के विवरण, एग्रीमेंट, निवेश विवरण और निवेशकों की सूची जैसे कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद और जब्त किए गए हैं.

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