Bihar: गया जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है. जल्द ही स्टेशन परिसर में एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है. इसके लिए रेलवे अधिकारियों ने उपयुक्त स्थानों का चयन कर विस्तृत प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय को भेज दिया है. मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा.
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहल
पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में शामिल गया जंक्शन से हर दिन हजारों यात्री सफर करते हैं. पितृपक्ष मेला, बौद्ध पर्यटन और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में आधुनिक सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी.

तकनीकी सर्वेक्षण पूरा, रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई
रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन परिसर का निरीक्षण कर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर ली है. तकनीकी सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रेलवे मुख्यालय भेज दी गई है. अब प्रस्ताव पर मुख्यालय स्तर पर विचार किया जाएगा.
मंजूरी मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
रेलवे प्रशासन के अनुसार प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद टेंडर जारी किए जाएंगे. टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल प्लेटफॉर्म बदलने के लिए यात्रियों को फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता है. भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को इससे काफी परेशानी होती है. नई सुविधाएं शुरू होने के बाद उनका सफर अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा.
पितृपक्ष और पर्यटन सीजन में होगा बड़ा फायदा
गया जंक्शन पर हर वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसके अलावा बोधगया आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों की भी बड़ी संख्या इसी स्टेशन से गुजरती है. ऐसे समय में एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही को भी सुगम बनाएंगी.
आधुनिक स्टेशन बनाने की दिशा में रेलवे का कदम
रेलवे लगातार गया जंक्शन को आधुनिक और यात्री सुविधाओं से लैस स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है. एस्केलेटर और लिफ्ट की स्थापना इसी योजना का हिस्सा है. मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है.


