मझगांव मारपीट मामला: 27 जुलाई का बंद स्थगित, पुलिस को 7 दिनों की मोहलत, गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा जिला बंद

Chaibasa: मझगांव थाना क्षेत्र के पांडुकी गांव में दो समुदायों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर रविवार को चाईबासा के...

Mazgaon violence case: July 27th strike postponed, police given 7 days' time; district shutdown if no arrests are made

Chaibasa: मझगांव थाना क्षेत्र के पांडुकी गांव में दो समुदायों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर रविवार को चाईबासा के पिल्लई हॉल में जिला प्रशासन, मानकी-मुंडा संघ और आदिवासी हो समाज युवा महासभा के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में प्रशासन ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया, जिसके बाद 27 जुलाई को प्रस्तावित जिला बंद फिलहाल स्थगित कर दिया गया. हालांकि संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूरे पश्चिमी सिंहभूम में जिला बंद और व्यापक आंदोलन किया जाएगा. बैठक में जगन्नाथपुर एसडीपीओ राफेल मुर्मू ने कहा कि मझगांव मारपीट मामले में पुलिस विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है और जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे. शांति व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है और पुलिस को लोगों के सहयोग की आवश्यकता है. सदर एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि इस मामले में 15 जुलाई को मझगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मामले के निपटारे में हुई चूक के कारण तत्कालीन थाना प्रभारी को हटा दिया गया है. वहीं दूसरे पक्ष की ओर से दिए गए आवेदन की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

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पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मांगा

सदर एसडीओ सह कोल्हान अधीक्षक संजय कुमार ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई में कुछ समय लगता है, लेकिन दो-तीन दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने मानकी-मुंडाओं से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की. बैठक में पांडुकी गांव के पीड़ित प्रदीप हेंब्रम ने कहा कि लंबे समय से सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है, लेकिन प्रशासन अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है. उन्होंने देशाऊली स्थल को अपवित्र किए जाने और बाजारों में दूसरे समुदाय द्वारा उत्पीड़न किए जाने का आरोप भी लगाया. मानकी-मुंडा संघ के उपाध्यक्ष कालीचरण बिरुवा, इपिल सामड सहित कई वक्ताओं ने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. बैठक में मुखिया संघ के अध्यक्ष हरिन सिंकू, महेंद्र पुरती, मनीष बिरुवा समेत बड़ी संख्या में मानकी, मुंडा और ग्रामीण मौजूद रहे. बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रशासन के आश्वासन को देखते हुए 27 जुलाई का जिला बंद फिलहाल स्थगित रखा जाएगा. यदि सात दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन और जिला बंद किया जाएगा.

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