News wave Desk : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है, ऑफिस का तनाव, मोबाइल-लैपटॉप की स्क्रीन पर घंटों काम, नींद की कमी और अनियमित खानपान की वजह से लोग अक्सर सिरदर्द की शिकायत करते हैं. लेकिन कई बार लोग सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के बीच फर्क नहीं समझ पाते, विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाला तेज सिरदर्द माइग्रेन का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें सिर के किसी एक हिस्से में धड़कन जैसा तेज दर्द महसूस होता है, यह दर्द कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है, कई मरीजों को इसके साथ उल्टी, जी मचलना, चक्कर और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी भी होती है. वहीं सामान्य सिरदर्द आमतौर पर तनाव, थकान, गैस, डिहाइड्रेशन या नींद पूरी न होने की वजह से होता है और दवा या आराम के बाद ठीक हो जाता है.
माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में फर्क

सामान्य सिरदर्द, माइग्रेन, पूरे सिर में दर्द, सिर के एक हिस्से में ज्यादा दर्द, हल्का या मध्यम दर्द, तेज और धड़कन जैसा दर्द, आराम से ठीक हो जाता है. कई घंटों या दिनों तक भी बना रह सकता है, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी, उल्टी और जी मचलना की शिकायत आम
क्यों होता है माइग्रेन?
डॉक्टरों के अनुसार माइग्रेन के पीछे कई कारण हो सकते हैं, इनमें तनाव, हार्मोनल बदलाव, ज्यादा स्क्रीन टाइम, तेज धूप, नींद की कमी, ज्यादा चाय-कॉफी, शराब और अनियमित खानपान शामिल हैं, कई मामलों में यह समस्या आनुवंशिक भी होती है.
माइग्रेन के प्रमुख लक्षण
सिर के एक हिस्से में तेज दर्द
आंखों के सामने धुंधलापन या चमक दिखना
तेज रोशनी और आवाज से परेशानी
जी मचलना और उल्टी
चक्कर या कमजोरी महसूस होना
किसी काम में मन न लगना
कब हो जाए सतर्क?
अगर सिरदर्द लगातार बढ़ रहा हो, अचानक बहुत तेज दर्द शुरू हो जाए, बोलने में दिक्कत हो, शरीर सुन्न पड़ने लगे या बार-बार उल्टी हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
बचाव के आसान उपाय
रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें
तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल न करें
समय पर खाना खाएं और पानी ज्यादा पिएं
तेज धूप और तेज आवाज से बचें
कैफीन और जंक फूड कम लें
विशेषज्ञों का कहना है कि सही लाइफस्टाइल और समय पर इलाज से माइग्रेन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, इसलिए बार-बार होने वाले सिरदर्द को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
