Ranchi: विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के तीसरे दिन दूसरी पाली में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का पहला अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पास हो गया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अगर आज सदन में विपक्ष मौजूद होता तो उनसे पूछता कि केंद्र झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड को केंद्रीय करों की अनुदान राशि में सिर्फ 0.73 फीसदी हिस्सा मिला है.
उन्होंने बताया कि भाजपा शासित राज्यों में बिहार को 10,845 करोड़, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ और उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि झारखंड को सिर्फ 3,660 करोड़ रुपये मिले हैं. उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने झारखंड के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा की है और राज्य का वित्तीय प्रबंधन काफी मजबूत है.
अनुपूरक बजट में राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है. ग्रामीण विकास विभाग के लिए सबसे अधिक 4,258.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं राजभाषा विभाग के लिए सबसे कम 0.01 करोड़ रुपये यानी 1 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.
विपक्ष को लोकतंत्र में विश्वास नहीं: अनंत प्रताप देव
अनंत प्रताप देव ने कहा कि गढ़वा में इस साल कम बारिश हुई है. उन्होंने गढ़वा को अकालग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. भाजपा के लोग गोदी मीडिया को बुलाकर सरकार को परेशान करना चाहते हैं.
विपक्ष को झारखंड के बच्चों से लेना-देना नहीं: राजेश कच्छप
राजेश कच्छप ने कहा कि विपक्ष को झारखंड के बच्चों से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की लड़ाई का राजनीतिकरण कर दिया गया है और इसे सत्ता बनाम विपक्ष की लड़ाई के रूप में दिखाया जा रहा है. उन्होंने अनुपूरक बजट के माध्यम से सड़कों के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग की.
BJP सिर्फ नकारात्मक बातें करती है: सुरेश पासवान
सुरेश पासवान ने कहा कि भाजपा के लोग सिर्फ नकारात्मक बातें करते हैं.
टेट पास शिक्षकों की सीधी बहाली हो: अरूप
अरूप चटर्जी ने कहा कि टेट पास शिक्षकों की सीधी बहाली होनी चाहिए. उन्होंने सहिया समेत अन्य कर्मियों का मानदेय बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा कि जैक में भी बड़ा घोटाला है और इसकी जांच होनी चाहिए.
JSSC-CGL को रद्द करने की मांग: जयराम
जयराम महतो ने कहा कि मास्टरमाइंड अभय तिवारी के जरिए जेएसएससी-सीजीएल में जिन 400 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उसे रद्द किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जेपीएससी की पहली और दूसरी परीक्षा में सीबीआई ने अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक स्वीकृति नहीं दी है.
उन्होंने मांग की कि टीडीपीएल के जरिए जितनी भी परीक्षाएं ली गई हैं, उन्हें रद्द किया जाए. साथ ही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जांच कराने की भी मांग की.
