Ranchi: श्रावणी मेले से पहले रांची नगर निगम पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में पूरी सख्ती के मूड में है. निगम ने मंदिर परिसर और आसपास की अपनी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है. आज हुई स्थलीय जांच में कई संदिग्ध और अतिक्रमित स्थलों को चिन्हित किया गया, जिसके बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी.
पहाड़ी मंदिर परिसर की जमीन, सीमा और उपयोग की स्थिति का किया गया भौतिक सत्यापन
निरीक्षण के दौरान निगम अधिकारियों ने पहाड़ी मंदिर परिसर की जमीन, उसकी सीमा और उपयोग की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया. निगम रिकॉर्ड के मुताबिक पहाड़ी मंदिर परिसर प्लॉट संख्या 955 और 956 में स्थित है, जो वार्ड-02, मौजा रांची की निगम स्वामित्व वाली करीब 26 एकड़ 94.7 डिसमिल भूमि है. जांच में कई जगह अतिक्रमण की आशंका मिली, जिन्हें सूचीबद्ध कर आगे की कार्रवाई के दायरे में ले लिया गया.

जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्र में एनआरईपी के तहत बाउंड्री वॉल और पेवर ब्लॉक का काम बिना रांची नगर निगम से जरूरी एनओसी लिए कराया जा रहा था. स्थानीय विरोध के बाद फिलहाल यह काम रोक दिया गया है. इतना ही नहीं, निर्माण कार्य से निकला सीएंडडी वेस्ट भी परिसर में बिखरा मिला, जिस पर निगम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सफाई के निर्देश दिए हैं.
नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ कर दिया गया, कि निगम की जमीन पर बिना अनुमति और बिना एनओसी कोई निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा. अधिकारियों को चिन्हित अतिक्रमण स्थलों का विस्तृत सर्वे, अभिलेख सत्यापन और चरणबद्ध अतिक्रमण हटाओ अभियान की ठोस कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया गया है.
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है, कि श्रावणी मेला में पहाड़ी मंदिर पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवाजाही से कोई समझौता नहीं होगा. मंदिर परिसर, पहुंच मार्गों और आसपास के इलाकों में अतिक्रमण, अव्यवस्था और यातायात बाधा पर अब सीधी कार्रवाई होगी. यानी श्रावणी मेला से पहले पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में निगम का बड़ा एक्शन तय माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद कर बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर साधा निशाना


