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रांची: संदिग्ध परिस्थितियों में 16 वर्षीय लड़की की मौत, सचिवालयकर्मी महिला शव लेकर पहुंची गांव, ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपा

Ranchi: जिला के बुढ़मू और कांके थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित चेड़ी मनातू से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां...

Ranchi: जिला के बुढ़मू और कांके थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित चेड़ी मनातू से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक महिला, जो वर्तमान में सचिवालय में कार्यरत बताई जा रही है, वह एक 16 वर्षीय लड़की का संदिग्ध शव लेकर उसके पैतृक गांव पहुंची. घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है.

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, सचिवालय में कार्यरत सुषमा कुमारी नामक महिला एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार (JH01CS 4575) से एक लड़की का शव लेकर बुढ़मू थाना क्षेत्र के पारपोखर पहुंची. मृतका की पहचान उमेडंडा पारपोखर निवासी मोहन नायक की 16 वर्षीय पुत्री खुशबू कुमारी के रूप में हुई है.

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शव की संदिग्ध स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना बुढ़मू पुलिस को दी. पुलिस के मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों और परिजनों ने सुषमा कुमारी, वाहन चालक, खुशबू का शव और घटना में प्रयुक्त वाहन को पुलिस के हवाले कर दिया. बुढ़मू पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की और प्राथमिक कार्रवाई के बाद सभी को कांके थाना भेज दिया, क्योंकि घटना का मुख्य केंद्र कांके थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

5 साल पहले काम के लिए भेजी गई थी खुशबू

मृतका की मौसी ललिता ने बताया कि खुशबू की मां का निधन 2018 में हो गया था, जिसके बाद वह अपनी मौसी के पास ही रहती थी. हालांकि, खुशबू के पिता मोहन नायक ने जब दूसरी शादी की, तो वह उसे अपने साथ ले गए. परिजनों का आरोप है कि लगभग पांच साल पहले, जब खुशबू की उम्र महज 11 वर्ष थी, उसे परिजनों की जानकारी के बिना सुषमा कुमारी के घर काम करने के लिए भेज दिया गया था.

खुशबू के पिता मोहन नायक के अनुसार, उन्होंने उमेडंडा के संजय मोची के माध्यम से खुशबू को सुषमा के घर काम पर लगाया था. शुरुआती दौर में खुशबू से बातचीत होती थी, लेकिन पिछले एक साल से सुषमा कुमारी ने खुशबू को किसी से मिलने या बात करने नहीं दिया. जब पिता ने संजय मोची से बेटी से मिलवाने का दबाव बनाया, तो उसने यह कहकर टाल दिया कि उसके पास सुषमा का नया पता नहीं है और फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है.

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