Hazaribagh: आपदा की घड़ी में घबराने के बजाय समझदारी और तत्परता से कैसे जान बचाई जाए, इसी संदेश के साथ गुरुवार को बरही प्रखंड परिसर स्थित टाउन हॉल में एनडीआरएफ की ओर से एक प्रभावशाली मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. 9वीं बटालियन एनडीआरएफ, बिहटा (पटना) के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास ने लोगों को न सिर्फ जागरूक किया, बल्कि उन्हें वास्तविक हालात से निपटने के लिए प्रशिक्षित भी किया.
कार्यक्रम में बरही एसडीओ जोहन टुडु, बीडीओ जयपाल महतो समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे. सभी ने इस पहल को समय की जरूरत बताते हुए आम लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति सजग रहने का संदेश दिया.
लाइव डेमो ने बढ़ाया आत्मविश्वास
मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ टीम ने आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली जीवन रक्षक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया. खासकर सीपीआर, हृदयाघात की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार की बारीकियों को बेहद सरल तरीके से समझाया गया. टीम के प्रदर्शन ने वहां मौजूद लोगों को वास्तविक अनुभव का एहसास कराया.
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हर आम नागरिक को बनाया ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’
एनडीआरएफ के प्रशिक्षक इंस्पेक्टर दिनेश अवस्थी, सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार, शमीम अंसारी, फारूक अंसारी और सचिन कुमार ने बताया कि आपदा के शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं. यदि आम नागरिक इन तकनीकों को जान लें, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.
प्रशासन ने दिया जागरूकता का संदेश
एसडीओ जोहन टुडु ने कहा कि आपदा कभी भी आ सकती है, लेकिन सही जानकारी और तैयारी से हर व्यक्ति ‘जीवन रक्षक’ बन सकता है. वहीं बीडीओ जयपाल महतो ने कहा कि आपदा से निपटना सिर्फ सरकारी एजेंसियों का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि सह मुखिया मोतीलाल चौधरी, रंजीत चंद्रवंशी, मंडल अध्यक्ष भगवान केशरी, नागेश्वर रजक, मुखिया सिकंदर राणा, छोटन ठाकुर, खिरोधर यादव, मुखिया प्रतिनिधि मुकेश राम, हरेंद्र गोप, पंसस विकास सिंह, जितेंद्र कुमार दिव्य समेत अन्य जन प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे बेहद उपयोगी पहल बताया. कार्यक्रम में कई महिला-पुरुष भी उपस्थित थे.
