Newswave Special: बिजली खरीद पर 53 हजार करोड़ से अधिक खर्च करेगा बिजली वितरण निगम, जानिए अगले 5 वर्षों का प्लान

Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विभिन्न...

Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विभिन्न सार्वजनिक और निजी बिजली उत्पादक कंपनियों से कुल 53,321.31 करोड़ रुपए की बिजली खरीदेगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली खरीद पर 8,708.23 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जो वर्ष 2030-31 तक बढ़कर 12,781.67 करोड़ रुपए सालाना पहुंच जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया में NTPC और दामोदर घाटी निगम की हिस्सेदारी सबसे अधिक रहने वाली है.

वर्षवार बिजली खरीद पर खर्च

• वित्तीय वर्ष 2026-27: 8,708.23 करोड़ रुपए.

• वित्तीय वर्ष 2027-28: 9,623.99 करोड़ रुपए.

• वित्तीय वर्ष 2028-29: 10,578.72 करोड़ रुपए.

• वित्तीय वर्ष 2029-30: 11,628.70 करोड़ रुपए.

• वित्तीय वर्ष 2030-31: 12,781.67 करोड़ रुपए.

एनटीपीसी के पतरातू और नॉर्थ कर्णपुरा प्लांट पर सबसे ज्यादा भरोसा

NTPC के पतरातू यूनिट-वन से वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,721.54 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी, जो 2030-31 तक बढ़कर 2,855.84 करोड़ रुपए हो जाएगी. पतरातू यूनिट-टू से पहले वर्ष 850.87 करोड़ रुपए की खरीद होगी, जो पांचवें वर्ष तक 2,906.13 करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है.

नॉर्थ कर्णपुरा प्लांट से पांच वर्षों में क्रमशः 757.92 करोड़, 795.81 करोड़, 835.60 करोड़, 877.38 करोड़ और 921.25 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी. इसके अलावा फरक्का, बाढ़, कहलगांव, नबीनगर, कांटी पावर, तालचेर और डार्लीपल्ली प्लांटों से भी बिजली खरीद की जाएगी. हालांकि कोरबा प्लांट से कोई खरीद प्रस्तावित नहीं है.

डीवीसी और टीवीएनएल की भी अहम भूमिका

दामोदर घाटी निगम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,063.22 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी. यह आंकड़ा 2030-31 तक बढ़कर 2,507.86 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा. वहीं तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड से पहले वर्ष 872.83 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी. अगले वर्षों में इसमें हल्की कमी और फिर बढ़ोतरी का अनुमान है.

निजी कंपनियों और सौर ऊर्जा पर भी फोकस

आधुनिक पावर के यूनिट-वन और यूनिट-टू से भी बिजली खरीदी जाएगी. यूनिट-वन से पहले वर्ष 140.18 करोड़ रुपए और यूनिट-टू से 140.71 करोड़ रुपए की बिजली ली जाएगी. सौर ऊर्जा के तहत Solar Energy Corporation of India के 700 मेगावाट कोटे से हर साल 282.05 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी. इसके अलावा गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर प्लांट से प्रतिवर्ष 58.59 करोड़ रुपए की बिजली खरीदने की योजना बनाई गई है.

पवन और जलविद्युत परियोजनाओं से भी होगी खरीद

पवन ऊर्जा के लिए पीटीसी के माध्यम से हर साल 212.19 करोड़ रुपए और सेकी के माध्यम से 74.16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. NHPC के रंगीत प्लांट से भी बिजली खरीदी जाएगी, जबकि भूटान की ताला और मांगदेछु जलविद्युत परियोजनाओं से भी ऊर्जा ली जाएगी. इनलैंड पावर लिमिटेड से वित्तीय वर्ष 2026-27 में 137.54 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी. यह आंकड़ा वर्ष 2030-31 तक बढ़कर 182.39 करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है.

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