Seraikela-Kharsawan: सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने शुक्रवार को गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया. अस्पताल की बदहाल व्यवस्था देखकर उपायुक्त भड़क गए और प्रभारी से सवाल किया कि क्या डॉक्टर सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए ही हैं. उपायुक्त ने ओपीडी से लेकर महिला और पुरुष वार्ड तक हर जगह का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान दोनों वार्ड पूरी तरह खाली मिले. एक भी मरीज भर्ती नहीं था. जबकि निजी अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा, वहीं सबसे ज्यादा आबादी वाले गम्हरिया CHC में मरीजों का अभाव स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.
स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल बेहतर किए जाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब पुरुष वार्ड का ताला करीब आधे घंटे तक नहीं खुला. बाहर लगा ताला भी बंद था. काफी देर बाद चाबी आने पर उपायुक्त वार्ड के अंदर जा सके. औषधि भंडारण कक्ष की जांच में पाया गया कि एक्सपायरी दवाइयों को फिलहाल हटा दिया गया है. नीतीश कुमार सिंह, उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के कई बार निरीक्षण के बाद भी स्थिति जस की तस है. महिला और पुरुष वार्ड पूरी तरह खाली हैं.उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि क्या डॉक्टर सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए ही हैं? अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल बेहतर किया जाए. मरीजों की संख्या बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है.लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गम्हरिया CHC की स्थिति को लेकर उपायुक्त के कड़े रुख के बाद अब स्वास्थ्य विभाग पर इसे सुधारने का दबाव बढ़ गया है.
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