Ranchi: झारखंड की सियासी पिच पर आगामी राज्यसभा की दो सीटों के लिए बिसात बिछ चुकी है, और इस बार महागठबंधन ने आंकड़ों के साथ-साथ फ्रंट फुट पर आकर खेलने की तैयारी कर ली है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने साफ कर दिया है कि झारखंड में जोड़-तोड़ और हॉर्स ट्रेडिंग की राजनीति करने वालों के अरमान इस बार पूरी तरह धूल चाटने वाले हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने कहा कि एक राज्यसभा सीट के लिए 28 विधायकों की जरूरत है, जबकि महागठबंधन के पास 56 विधायकों का अटूट संख्या बल है. ऐसे में दोनों सीटों पर महागठबंधन की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत बिल्कुल तय है.

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एक सीट पर कांग्रेस का स्वाभाविक हक
ऋषिकेश सिंह ने दो टूक कहा कि झामुमो के बाद कांग्रेस इस गठबंधन का सबसे बड़ा और जिम्मेदार घटक है. जमीन पर हमारा जनाधार लगातार बढ़ा है, इसलिए गठबंधन धर्म के तहत एक सीट झामुमो और दूसरी सीट कांग्रेस को मिलना पूरी तरह स्वाभाविक और जायज है. उन्होंने कहा कि झारखंड की राजनीति अब दिल्ली से संचालित किसी साजिश या मीडिया मैनेजमेंट से नहीं, बल्कि जनमत और विकास से चलेगी. हालांकि, उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर केंद्रीय आलाकमान और शीर्ष नेतृत्व की सामूहिक सहमति से ही लगेगी.
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