पाकुड़: सामूहिक दुष्कर्म मामले में 9 दोषियों को उम्रकैद, 50-50 हजार का जुर्माना

Pakur: पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम ,कुमार...

Pakur: 9 convicts sentenced to life imprisonment and fined ₹50,000 each in gang-rape case.

Pakur: पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र में हुए एक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम ,कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 9 दोषियों को भारतीय दंड संहिता धारा 376-D के तहत अंतिम सांस तक कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है

पति को बंधक बनाकर दिया था वारदात को अंजाम

प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 1 जून 2024 की शाम लगभग 6:30 बजे की है.19 वर्षीय पीड़िता अपने पति के साथ हिरणपुर थाना क्षेत्र के सहरपुर स्थित काजू बागान में टहलने गई थी. इसी दौरान अचानक कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़िता के पति को पकड़कर बंधक बना लिया.जिसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की और झाड़ियों में ले जाकर बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. इस मामले में हिरणपुर थाना में कांड संख्या 35/2024, दिनांक 02.06.2024 दर्ज किया गया था.

अदालत में पेश हुए 6 अहम गवाह

सत्र वाद संख्या 143/2024 के तहत चली इस सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाह अदालत में पेश किए गए. बचाव पक्ष द्वारा दोषियों की कम उम्र का हवाला देकर नरमी बरतने की अपील को अदालत ने खारिज कर दिया.न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एक सभ्य समाज में महिलाओं की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ी सजा भविष्य के लिए एक नजीर बननी चाहिए.

ये नौ आरोपी दोषी करार

मानवेन मरांडी (28) चंदन सोरेन उर्फ चांद सोरेन (29) विवेक सोरेन (22) लखीराम मृधा उर्फ बाबूलाल मरांडी (22)जेने हांसदा (27)विश्वनाथ हेम्ब्रम (24)पांडु हेम्ब्रम (30)मिस्त्री हेम्ब्रम (30)सकल हांसदा (34) अदालत ने उक्त 9 अभियुक्तों को को दोषी करार दिया है.. ये सभी हिरणपुर थाना क्षेत्र के कस्तूरी गांव का रहने वाला है

जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का निर्देश

अदालत ने सभी 9 दोषियों को प्राकृतिक जीवन के अंत तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है.साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त शत-प्रतिशत राशि पीड़िता को उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा के मुआवजे के रूप में दी जाए.साथ ही, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) पाकुड़ को ‘विक्टिम कंपनसेशन स्कीम’ के तहत पीड़िता के लिए अतिरिक्त उचित मुआवजे का निर्धारण करने का भी आदेश दिया है.

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