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होल्डिंग टैक्स में वृद्धि और मनमाने जल शुल्क के खिलाफ मुखर हुआ पाकुड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स

Pakud : पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के व्यापारियों एवं आम नागरिकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर पाकुड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आर-पार...

Pakud : पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के व्यापारियों एवं आम नागरिकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर पाकुड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है. गुरुवार को अंबेडकर चौक के समीप आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में चैंबर के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि शहर के विकास के नाम पर आम जनता और व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव संजीव खत्री ने कहा कि पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ाए गए होल्डिंग टैक्स की दरें अव्यावहारिक हैं. उन्होंने सरकार से इसकी तत्काल समीक्षा कर दरों में यथोचित कमी करने की मांग की ताकि नागरिकों को राहत मिल सके.

₹7,000 कनेक्शन शुल्क पर भारी आपत्ति

चैंबर पदाधिकारियों ने शहरी जलापूर्ति योजना का स्वागत किया, लेकिन इसके शुल्क ढांचे को जनविरोधी बताया. पार्थ बनर्जी ने ₹7,000 कनेक्शन शुल्क और ₹7 प्रति 1,000 लीटर पानी की दर को बहुत अधिक बताया और इसे कम करने की मांग की. बृजमोहन शाह ने नगर परिषद दुकानों के किराए में मनमानी बढ़ोतरी का विरोध करते हुए कहा कि हर तीन साल में अधिकतम 10% ही वृद्धि होनी चाहिए. साथ ही ट्रेड लाइसेंस नवीकरण की अवधि बढ़ाने और होल्डिंग टैक्स व ट्रेड लाइसेंस के लिए विशेष शिविर लगाने की भी मांग की गई.

बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और टोल टैक्स का विरोध

प्रेस वार्ता में उपस्थित संतोष केजरीवाल, सुरेश बकरीवाल और उपस्थित अन्य व्यवसायियों ने कहा कि शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव की स्थिति दयनीय है. इसके साथ ही नगर परिषद क्षेत्र में लगाए जा रहे नए टोल टैक्स पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया गया. चैंबर का मानना है कि इस टोल टैक्स का सीधा प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय व्यापार और आम जनता की जेब पर पड़ रहा है.

विभाग को भेजा मांग पत्र

चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा इन सभी मांगों को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार के सचिव को एक आधिकारिक मांग पत्र भी प्रेषित किया गया है. इसकी प्रतियां पाकुड़ के उपायुक्त और नगर परिषद के प्रशासक को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं. चैंबर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इन गंभीर जनसमस्याओं और व्यापारिक हितों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापारी समाज आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन को बाध्य होगा.

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