Pakur : आवासीय विद्यालयों को मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करने की पहल की जाएगी. डीसी DC मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय में कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आवासीय विद्यालयों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीसी DC ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी.
विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं पर चर्चा की गयी
समीक्षा के दौरान लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित कुंजबोना आवासीय विद्यालय, हिरणपुर आवासीय विद्यालय और डुमरचीर आवासीय विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. डीसी DC ने प्रखंड कल्याण पदाधिकारी से विद्यालयों की आवश्यकताओं एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की. बैठक में बताया गया कि विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था, सोलर लाइट, हाई मास्क लाइट, फुटबॉल मैदान, बंक बेड, सुसज्जित रसोईघर, शौचालय, डाइनिंग हॉल, बाउंड्री वॉल की मरम्मत, इनवर्टर, आरओ पेयजल प्रणाली और बेंच-डेस्क सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता है.

शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता
डीसी DC मेघा भारद्वाज ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाए. जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
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