Palamu: हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के जपला-नबीनगर मुख्य सड़क पर उत्तर कोयल मुख्य नहर के ऊपर बना सोनबरसा-लोटनिया पुल इन दिनों दुर्घटना की आशंका का केंद्र बना हुआ है. नई बनी सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है, लेकिन पुल की स्थिति अब भी सुरक्षित नहीं है.
महज 10 से 12 फीट चौड़ा है पुल
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की चौड़ाई करीब 10 से 12 फीट ही है. ऐसे में बड़े वाहनों, बसों और चारपहिया वाहनों को पार होने और मोड़ लेने में काफी परेशानी होती है. पुल का रास्ता संकीर्ण होने के साथ-साथ टेढ़ा-मेढ़ा भी है, जिससे यहां दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है.
रेलिंग नहीं होने से हर समय हादसे का डर
पुल की सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा रेलिंग का नहीं होना है. पुल के एक ओर उत्तर कोयल मुख्य नहर में पानी बह रहा है, जबकि दूसरी ओर करीब 40 से 50 फीट गहरी नदी की खाई है. ऐसे में वाहन चालकों की थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
प्रतिदिन गुजरते हैं सैकड़ों वाहन
इस मार्ग से रोजाना सवारी वाहन, निजी गाड़ियां, मालवाहक वाहन और दोपहिया वाहन गुजरते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नहर के ऊपर बना यह पुल पहले से ही संवेदनशील है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से लोगों में डर बना रहता है.
ग्रामीणों ने की सुरक्षा उपायों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल पर मजबूत रेलिंग लगाने, चौड़ीकरण करने और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.
समाजसेवी ने वीडियो जारी कर जताई चिंता
समाजसेवी प्रकाश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस पुल की स्थिति को दिखाया है. उन्होंने पुल की संकीर्णता और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर दुर्घटना की आशंका जताते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है.
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