Palamu: जिले में सामान्य से कम बारिश के कारण धान की खेती पर असर पड़ा है. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भी करीब आधे किसानों ने ही धान का बिचड़ा खेतों में लगाया है. बारिश की कमी से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है, और अब उनकी उम्मीदें उत्तर कोयल मुख्य नहर पर टिकी हैं. मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज में हाल की बारिश के बाद जलस्तर काफी बढ़ गया है और यह अपनी भंडारण क्षमता के करीब पहुंच चुका है. अतिरिक्त पानी उत्तर कोयल नदी की ओर छोड़ा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उत्तर कोयल मुख्य नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है.
नहर में पानी न आने से किसान परेशान
मोहम्मदगंज, हैदरनगर और हुसैनाबाद के उत्तरी क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए नहर के पानी का इंतजार कर रहे हैं. वहीं हुसैनाबाद के दक्षिणी क्षेत्र में धान की खेती अब भी पूरी तरह बारिश पर निर्भर है. जानकारी के अनुसार 104 आरडी के पास सुपर पैसेज, 84 आरडी के समीप सीडी स्ट्रक्चर का निर्माण अधूरा है. साथ ही निर्माण के दौरान बनाई गई अस्थायी मिट्टी की बाधा भी अब तक नहीं हटाई गई है, जिसके कारण नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है.

नहर रिमॉडलिंग कार्य अब भी अधूरा
वर्ष 2018 से चल रहे उत्तर कोयल मुख्य नहर रिमॉडलिंग कार्य में 31.40 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 19 किलोमीटर तक ही लाइनिंग का काम पूरा हुआ है. कई महत्वपूर्ण संरचनाएं जैसे पुल, पुलिया, सीडी, सीआर, एचआर और सुपर पैसेज अभी भी अधूरी हैं. इसी कारण भीम बराज में पर्याप्त पानी होने के बावजूद किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है और किसान लगातार नहर में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं.
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