Palamu: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश और पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम शर्मा के मार्गदर्शन में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव राकेश रंजन ने पांकी और लेस्लीगंज प्रखंड स्थित विभिन्न लीगल एड क्लिनिकों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान सचिव ने केंद्रों की कार्यप्रणाली, पीएलवी की उपस्थिति और आम लोगों को दी जा रही विधिक सहायता की जानकारी ली.
पीएलवी को जिम्मेदारी निभाने का निर्देश
डालसा सचिव ने सभी लीगल एड क्लिनिकों में कार्यरत पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) को निर्धारित समय पर केंद्र में उपस्थित रहने और जरूरतमंद लोगों को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कानूनी सलाह, आवेदन लिखवाने, प्रपत्र भरने या अन्य सहायता के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरी तत्परता के साथ सहयोग किया जाए.
क्लिनिकों में बेहतर व्यवस्था के निर्देश
श्री रंजन ने सभी लीगल एड क्लिनिकों में सूचना संबंधी बैनर लगाने और ड्यूटी के दौरान पीएलवी को निर्धारित यूनिफॉर्म में रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही लीगल एड क्लिनिकों की स्थापना की गई है. इसलिए सभी पीएलवी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें.
सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर
डालसा सचिव ने पीएलवी को राष्ट्रीय लोक अदालत, पीड़ित प्रतिकर योजना, मध्यस्थता (मेडिएशन) और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में पीएलवी की भूमिका महत्वपूर्ण है.
आर्थिक अभाव में कोई न्याय से वंचित न रहे
श्री रंजन ने कहा कि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक अभाव के कारण न्याय पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने निरीक्षण के दौरान पीएलवी के एक्टिविटी रजिस्टर का भी अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान संबंधित लीगल एड क्लिनिकों में पीएलवी उपस्थित मिले.
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