palamu : जिले के पाण्डु प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में आवास योजना को लेकर लाभुकों की परेशानी बढ़ती जा रही है. पहली किस्त मिलने के बाद सरकारी गाइडलाइन के अनुसार आवास निर्माण कराने वाले कई लाभुक दूसरी किस्त के इंतजार में हैं. निर्माण की फोटो और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद राशि नहीं मिलने से कई आवास अधूरे पड़े हैं.

बारिश के मौसम में अधूरे मकानों में रह रहे लोग
बारिश के मौसम में अधूरे मकानों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. पक्के घर की उम्मीद में निर्माण शुरू करने वाले लाभुक अब किस्त के इंतजार में अपने अधूरे आशियाने को पूरा नहीं करा पा रहे हैं. मीरा देवी, पति प्रवेश पाल ने बताया कि उनका आवास करीब तीन वर्षों से डोर लेवल तक पूरा है. दूसरी किस्त के लिए वह लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ. मीरा देवी ने कहा, “तीन साल से ब्लॉक का चक्कर काट रही हूं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है.

भुगतान व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लाभुकों का सवाल है कि जब आवास निर्धारित स्तर तक बन चुका है और दूसरी किस्त के लिए फोटो की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, तो भुगतान में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है? कई लाभुकों ने मामले की शिकायत जनता दरबार में पलामू के DC से करने की बात कही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि राशि और भुगतान की प्रक्रिया में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन है, तो उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए.

भुगतान में देरी बना जांच का विषय
हालांकि, भुगतान में देरी के पीछे वास्तविक कारण क्या है और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं, यह जांच का विषय है. बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी कर्मचारी पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा. लेकिन बरसात के बीच अधूरे मकानों में रहने को मजबूर परिवारों की परेशानी को देखते हुए मामले में जल्द कार्रवाई की जरूरत जरूर है. ग्रामीणों ने प्रशासन से लंबित आवासों की तत्काल समीक्षा कर पात्र लाभुकों की दूसरी किस्त जल्द जारी कराने की मांग की है. अब सवाल यह है कि वर्षों से अधूरे पड़े इन गरीब परिवारों के आशियाने कब पूरे होंगे और लंबित किस्तों का भुगतान आखिर कब तक किया जाएगा?

