Ranchi: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई है. विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपए का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा. एक तरफ जहां सरकार ने वित्तीय मोर्चे पर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
देश में पहली बार बैंकर्स समिति का वार्षिक प्रतिवेदन पेश
इस हंगामे के बीच सरकार ने एक नई और अनूठी परंपरा की शुरुआत की है. वित्त मंत्री ने सदन में बैंकर्स समिति का वार्षिक प्रतिवेदन भी पेश किया. वित्त मंत्री ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी राज्य की विधानसभा में बैंकर्स समिति का वार्षिक प्रतिवेदन आधिकारिक रूप से पेश किया गया है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के विधायकों को बैंकिंग गतिविधियों और वित्तीय संस्थाओं के कामकाज से सीधे तौर पर जोड़ना है, जिससे ग्रामीण विकास और आर्थिक योजनाओं की मॉनिटरिंग और अधिक प्रभावी हो सकेगी.

JPSC-JSSC पर विपक्ष का जोरदार हंगामा
सदन की कार्यवाही दोपहर 12:34 बजे शुरू होते ही विपक्ष ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं तथा छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. इस बीच विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि इस सत्र के दौरान कई अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा होनी बेहद जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन मजबूती के साथ पूरी तरह छात्रहित के समर्थन में खड़ा है.विपक्ष पर सीधा तंज कसते हुए यह आरोप लगाया गया कि वे लोग हैं जिन्होंने हमेशा छात्रों पर लाठियां और गोलियां चलवाने का काम किया है. सदन के भीतर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी और नारेबाजी लगातार बढ़ती चली गई. हंगामा होते देख विधानसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को तुरंत स्थगित करने का निर्णय लिया. अब झारखंड विधानसभा की अगली कार्यवाही सोमवार को सुबह 11:00 बजे निर्धारित की गई है.

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