पेपर लीक पर लगेगी रोक : डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में पेश करेंगे सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026

NewsWave Desk : देश भर में उठे पेपर लीक मामले और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार...

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

NewsWave Desk : देश भर में उठे पेपर लीक मामले और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर गंभीर नजर आ रही है. जहां केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार यानी 27 जुलाई को सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पेश करेंगे. विधायी कामकाज के एजेंडे के तहत, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के रोकथाम) अधिनियम 2024 के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा. इससे जुड़ा नोटिफिकेशन सरकार की तरफ से जारी कर दिया है. शुरूआती मानसून सत्र विवादों में घिरा रहा. जहां केंद्र मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिये छात्र जुटे रहे. अब मामला शांत होने के बाद केंद्र सरकार ने राहत की सांस ली है. ऐसे में सोमवार को बिल पेश किया जायेगा.

पेपर लीक मामले में क्या है प्रावधान

संसद में पारित होने वाले बिल में कई पेपर लीक और गड़बड़ी से निपटने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. जिसके तहत 10 करोड़ रुपये का जुर्माना और 10 साल की जेल का प्रावधान है. इससे कड़ी सजा, तय समय में जांच और फास्ट ट्रैक ट्रैक ट्रायल शामिल है. इस बिल के तहत पेपर लीक के मामलों में जांच दो महीने के भीतर पूरी होना चाहिए. पेपर लीक या सार्वजनिक परीक्षाओं में गलत तरीकों का इस्तेमाल करने के दोषी पाए जाने पर कम से कम पांच साल की जेल की सजा होगी. इसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है. 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है. संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के लिए, प्रस्तावित कानून में कम से कम सात साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

ऐसे मामलों की सुनवाई और कार्रवाई दो महीने के भीतर पूरी करने के लिये फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का भी निर्देश दिया गया है. बिल के अनुसार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनायें जायें. ये कोर्ट रोजाना कार्यवाही करेंगी. चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरी करनी होगी.

 

ALSO READ : बिहार : तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, 14 दिनों के लिये भेजे गये न्यायिक हिरासत में

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *