Giridih: झारखंड में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं. पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं फॉरवर्ड ब्लॉक के जिला संयोजक राजेश यादव ने घाघरा चेक डैम के निर्माण और उद्घाटन प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “विकास के नाम पर मनमानी और लूट” करार दिया है.
स्थल निरीक्षण के बाद लगाए गंभीर आरोप
राजेश यादव ने अपनी टीम के साथ हाल ही में उद्घाटन किए गए घाघरा चेक डैम का स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि डैम का निर्माण और उद्घाटन पूरी तरह से राजनीतिक एजेंडे के तहत किया गया है, जिसमें पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव दिखता है.
शिलापट्ट को बताया औपचारिकता
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्घाटन स्थल पर लगाए गए शिलापट्ट को सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए लगाया गया है, जबकि उसमें आम जनता के लिए जरूरी जानकारियां जानबूझकर छुपाई गई हैं.
जानकारी छुपाने का आरोप
उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में लागत राशि, जल संग्रहण क्षमता, लाभान्वित क्षेत्र और निर्माण एजेंसी जैसी बुनियादी जानकारी का उल्लेख तक नहीं किया गया है. यह सीधे-सीधे जनता के सूचना के अधिकार का उल्लंघन है और प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़ा करता है.
जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर नाराजगी
यादव ने इसे पंचायत व्यवस्था का भी अपमान बताया. उन्होंने कहा कि शिलापट्ट में कोडरमा की सांसद सह केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी और स्थानीय मुखिया वासुदेव यादव जैसे जनप्रतिनिधियों के नाम तक नहीं हैं, जबकि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के नाम प्रमुखता से शामिल किए गए हैं.
राजनीतिक रंग देने का आरोप
उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि विकास कार्यों को भी राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है.
निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल
निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि डैम की गहराई, ऊंचाई और संरचना प्राक्कलन के अनुरूप नहीं दिखती. कई जगहों पर घटिया गुणवत्ता के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जो भविष्य में गंभीर खतरा बन सकता है. यह पूरा मामला जांच का विषय है और इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
आंदोलन की चेतावनी
राजेश यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर जल्द ही इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो ‘ऑल इंडिया अग्रगामी किसान सभा’ के नेतृत्व में बड़कीटांड़ और घाघरा के किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. उन्होंने कहा कि किसान इस डैम से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अगर इसमें भ्रष्टाचार हुआ है तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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कार्यकर्ता भी रहे मौजूद
इस मौके पर प्रखंड अध्यक्ष शिवनंदन यादव, उपाध्यक्ष रामलाल मंडल, किसान सभा के राजेंद्र मंडल, सुखदेव गोस्वामी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.
