Jamtara : पापुलर नर्सिंग होम में संचालित अल्ट्रासोनोग्राफी केंद्र को सील किए जाने का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है. जांच में यह तथय सामने आया है कि केंद्र प्रबंधन ने लाइसेंस रिन्यूअल के लिए 20 अप्रैल 2026 को ही सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन जमा कर दिया था, लेकिन 60 दिनों तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया. बाद में केंद्र को सील कर दिया गया. सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है. जानकारी के अनुसार कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं लंबित थी. जबकि 8 जून को डिमांड ड्राफ्ट भी जमा कर दिया गया था. इसके बावजूद केंद्र के विरुद्ध कार्रवाई की गई.
दो अन्य केंद्रों के लाइसेंस भी थे समाप्त
जांच में यह भी सामने आया है कि जिले के मेडिक्योर और आविष्कार डायग्नोस्टिक सेंटर का लाइसेंस भी 21 मई 2026 को समाप्त हो चुका था. सूत्रों के अनुसार आविष्कार डायग्नोस्टिक सेंटर ने दो दिन पहले और मेडिक्योर ने चार दिन पहले रिन्यूअल के लिए आवेदन दिया है. ऐसे में स्वास्थय विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. जब तीनों केंद्रों की स्थिति लगभग समान थी. लेकिन कार्रवाई सिर्फ पापुलर नर्सिंग होम पर की गयी.

डिजिटल रिकॉर्ड की जांच होगी
जानकारी है कि लाइसेंस अवधि समाप्त होने के बाद भी कुछ केंद्रों में अल्ट्रासोनोग्राफी जांच जारी रही. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सिविल सर्जन डॉ. मिश्रा ने कहा है कि संबंधित केंद्रों की हार्ड डिस्क और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी. अगर लाइसेंस समाप्ति के बाद जांच किए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
जिला में 16 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र
जिला में वर्तमान में 16 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं. इनमें जामताड़ा, मिहिजाम, नारायणपुर, नाला और फतेहपुर क्षेत्र शामिल हैं. फिलहाल जीवन दीप डायग्नोस्टिक सेंटर और पारस अस्पताल चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण बंद हैं, जबकि माही मिशन की ओर से आवेदन दिया गया है. यह पूरा मामला स्वास्थय विभाग की पारदर्शिता, जवाबदेही और सभी संस्थानों के प्रति समान कार्रवाई के मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है.


