Bokaro: DVC के शीर्ष प्रबंधन में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को नए सदस्य (वित्त) की नियुक्ति कर दी है. भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) मनीष कुमार को डीवीसी के मेंबर फाइनेंस (सदस्य-वित्त) के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है. यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर की गई है. विद्युत मंत्रालय के नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948 की धारा 4 की उप-धारा (1) के तहत केंद्र सरकार द्वारा की गई है.
डीवीसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है
मंत्रालय के थर्मल डिवीजन के उप सचिव जे. मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र के तहत मनीष कुमार का कार्यकाल उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले पांच वर्षों के लिए या उनके सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने तक, अथवा आगामी आदेश तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगा. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी नियुक्ति को विनियमित करने वाले अन्य नियम और शर्तें अलग से जारी की जाएंगी. बिजली और ऊर्जा बुनियादी ढांचा क्षेत्र के प्रतिष्ठित पीएसयू पावर ग्रिड में वित्तीय प्रबंधन का लंबा और गहरा अनुभव रखने वाले मनीष कुमार की इस तैनाती को डीवीसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वर्तमान समय में जब डीवीसी झारखंड और पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी कई महत्वाकांक्षी थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर काम कर रही है, तब एक कुशल वित्तीय विशेषज्ञ के कमान संभालने से निगम की योजनाओं को गति मिलेगी और वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ होगा. विदित हो कि डीवीसी के मेंबर फाइनेंस अरुप सरकार के अवकाश ग्रहण के बाद से पद रिक्त था.

