Dheeraj Kumar
Ranchi : झारखंड में अपराध की दुनिया को विदेश से ऑपरेट कर रहे गैंगस्टरों और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य की CID और केंद्रीय जांच एजेंसियां पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई हैं. झारखंड से विदेश फरार अपराधियों को प्रत्यर्पण संधि के तहत वापस भारत लाने के लिए इंटरपोल और NCB ( नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ) ने एक नई रणनीति तैयार की है. इसके तहत फरार अपराधियों को अपराध की प्रकृति के आधार पर चार विशेष श्रेणियों में विभाजित किया गया है.
सीआईडी मुख्यालय ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है. राज्य के सभी 24 जिलों के एसपी से समन्वय स्थापित कर अपराधियों का पूरा डेटा और प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है. जैसे ही यह डिटेल्स पूरी हो जाएगी, सीआईडी मुख्यालय इसे सीधे इंटरपोल को भेजेगा. ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जा सके.

इन 4 श्रेणियों में बांटे गए अपराधी
इंटरपोल और एनसीबी ने अपराधियों को उनके द्वारा किए गए अपराधों के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया है.
- श्रेणी 1 : काउंटर टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी मामले) और संगठित अपराध
- श्रेणी 2 : नारकोटिक्स (नशीले पदार्थों और ड्रग्स की तस्करी) से संबंधित अपराध
- श्रेणी 3 : आर्थिक अपराध ( वित्तीय धोखाधड़ी )
- श्रेणी 4 : साइबर क्राइम, मानव तस्करी और अन्य गंभीर मामले.
अपराधियों की कुंडली तैयार करने के लिए 6 मुख्य बिंदु
- विदेशों में छिपे अपराधियों को कानूनी रूप से दबोचने के लिए CID बेहद पुख्ता सबूत जुटा रही है. 24 जिलों के एसपी से निम्नलिखित छह मुख्य बिंदुओं पर अपराधियों का प्रोफाइल मांगा गया है.
- फरार अपराधी का पूरा नाम और उसका स्थायी – अस्थायी पता.
- पिता का नाम और अपराधी की सही जन्म तिथि.
- अपराधी का पासपोर्ट नंबर और उसका हालिया रंगीन (कलर) फोटोग्राफ
- फरार अपराधी के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों (केस) का पूरा विवरण
- अपराधी का वर्तमान लोकेशन या वह किस देश/जगह पर छिपा है, इसकी जानकारी
- संबंधित केस में वांटेड अपराधी का फिंगरप्रिंट (यदि पुलिस रिकॉर्ड में उपलब्ध हो).
झारखंड के 3 बड़े गैंगस्टर जो विदेश से चला रहे हैं गिरोह
झारखंड पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती तीन गैंगस्टर बने हुए हैं, जो विदेश में बैठकर झारखंड में रंगदारी, हत्या और धमकी का सिंडिकेट चला रहे हैं.
- प्रिंस खान ( धनबाद ) : धनबाद के वासेपुर का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान इस सूची में सबसे ऊपर है. पुलिस इनपुट के अनुसार, वह वर्तमान में पाकिस्तान में छिपा हुआ है और वहीं से धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में अपना रंगदारी का नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है.
- राहुल दुबे ( रामगढ़ ) : मूल रूप से रामगढ़ जिले का रहने वाला राहुल दुबे भी विदेश से ही अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. जांच एजेंसियां लगातार इसके वर्तमान लोकेशन को ट्रैक करने का प्रयास कर रही हैं.
- राहुल सिंह ( लातेहार ) : लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र का निवासी राहुल सिंह भी विदेश फरार है. इसके पहले अजरबैजान में छिपे होने की पुख्ता जानकारी थी, लेकिन हालिया इनपुट के अनुसार वह अब वहां से भी भाग निकला है. पुलिस उसकी नई लोकेशन का पता लगा रही है.
पंजाब का ड्रग्स तस्कर दलजिंदर’ इंग्लैंड फरार
इन तीन गैंगस्टरों के अलावा, मूल रूप से पंजाब का रहने वाला दलजिंदर सिंह पलामू जिले में दर्ज ड्रग्स तस्करी (नारकोटिक्स) के एक बड़े मामले में वांछित है. झारखंड पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि वह वर्तमान में इंग्लैंड में शरण लिए हुए है. CID इसकी भी श्रेणी तय कर प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी है.
ALSO READ : इंडिया में दरार का सपना देख रही BJP को लगेगा झटका, चुनावी पारदर्शिता पर एकजुट है गठबंधन : JMM
