Bihar: बिहार में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है. इसे लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नागर विमानन और सिविल एविएशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की. बैठक में राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. सरकार का लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत का बड़ा ऐविएशन हब बनाना है.

एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों के विकास पर चर्चा
बैठक में पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार, एयरपोर्ट क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. इसके अलावा दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने, अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना और पूर्णिया एयरपोर्ट में स्थायी सिविल एन्क्लेव निर्माण पर भी चर्चा हुई. सरकार ने मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, सहरसा और बीरपुर हवाई अड्डों के विकास को भी प्राथमिकता देने की बात कही. वहीं फारबिसगंज एयरपोर्ट के अपग्रेडेशन और राज्य की विभिन्न हवाई पट्टियों को तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर भी मंथन हुआ.
उड़ान योजना में बिहार को प्राथमिकता देने की मांग
बैठक में संशोधित उड़ान योजना के तहत बिहार को प्राथमिकता देने और राज्य के अतिरिक्त एयरपोर्ट्स को योजना में शामिल करने पर भी जोर दिया गया. सरकार चाहती है कि छोटे शहरों तक भी हवाई सेवाएं पहुंचें, ताकि लोगों को बेहतर और तेज परिवहन सुविधा मिल सके.
5 साल में 10 गुना एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य की एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना तक बढ़ाना है. इसके लिए सभी जिलों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट आधुनिकीकरण, सुरक्षा और समावेशी विकास से जुड़ी योजनाओं पर तेजी से काम किया जाए, ताकि बिहार को पूर्वी भारत के क्षेत्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा सके.
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना एयरपोर्ट के विस्तार और दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से राज्य में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. बेहतर हवाई संपर्क से निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. सरकार का लक्ष्य बिहार को सुरक्षित, आधुनिक और टिकाऊ नागरिक उड्डयन केंद्र के रूप में स्थापित करना है.
