Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर की दरारें खुलकर सामने आ गई हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस के रुख पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे एकतरफा प्यार करार दिया है. भट्टाचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य की दोनों राज्यसभा सीटों पर झामुमो का स्वाभाविक अधिकार है, लेकिन कांग्रेस ने एकतरफा फैसला लेकर गठबंधन की मर्यादा को ठेस पहुंचाई है.

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एकतरफा प्यार और गठबंधन में रार
दरअसल, सियासी खींचतान तब चरम पर पहुंच गई जब कांग्रेस ने गुरुवार को अचानक प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. झामुमो इस फैसले से बेहद आहत है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने गठबंधन धर्म की दुहाई देते हुए कहा कि हमने हमेशा कांग्रेस का साथ निभाया, लेकिन बदले में हमें सिर्फ ठेस मिली है. झामुमो के इस कड़े रुख से साफ है कि राज्यसभा की सीटों को लेकर झामुमो बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं है, जिससे महागठबंधन में सीट शेयरिंग का विवाद गहरा गया है.
चुनावी सरगर्मी के बीच शनिवार को भी खुलेगा विधानसभा
इस सियासी उठापटक और चुनावी व्यस्तता के बीच झारखंड विधानसभा सचिवालय ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. 1 जून को जारी अधिसूचना और 8 जून को नामांकन की अंतिम तिथि के मद्देनजर, बीच में पड़ने वाले पहले शनिवार यानी 6 जून को विधानसभा की सभी शाखाएं सामान्य कार्यदिवस की तरह खुली रहेंगी. विधानसभा के उप सचिव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सचिवीय कार्यालय, स्थापना, कार्मिक, प्रेषण, टंकण, मार्शल, अवधायक, लेखन सामग्री, ऑन-लाईन शाखा और भोजशाला समेत सभी विभाग शनिवार को भी पूरी तरह सक्रिय रहेंगे, ताकि नामांकन और चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं को बिना किसी बाधा के समय पर पूरा किया जा सके.
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