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रामगढ़ : भुरकुंडा में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, लोहार दुकान की आड़ में बनाने थे कट्टा-कारतूस, महिला समेत 3 गिरफ्तार

Ramgarh : जिला के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र में पुलिस को एक सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने दत्तो इलाके में गुप्त सूचना...

अवैध हथियार फैक्ट्री

Ramgarh : जिला के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र में पुलिस को एक सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने दत्तो इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यह अवैध कारोबार लंबे समय से एक लोहार दुकान और घर की आड़ में धड़ल्ले से चलाया जा रहा था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अर्धनिर्मित पिस्टल, मैगजीन और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं. इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

गुप्त सूचना पर मंगलवार रात हुई कार्रवाई

एसपी SP मुकेश लुनायत को गुप्त सूचना मिली थी कि भुरकुंडा के दत्तो क्षेत्र में लोहार के काम की आड़ में अवैध हथियारों का निर्माण और उनकी तस्करी की जा रही है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और मंगलवार की रात को चिह्नित ठिकाने पर औचक छापेमारी की. अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद आरोपियों को संभलने का मौका नहीं मिला.

भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार और उपकरण बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस ने घर और दुकान से तीन अर्धनिर्मित पिस्टल, नौ मैगजीन, हथियार बनाने वाली मशीन, भारी मात्रा में लोहे के पार्ट्स, कारतूस और अन्य सहायक उपकरण बरामद किए है.

बिहार के नवादा का रहने वाला है आरोपी परिवार

पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनसे गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश विश्वकर्मा, नूतन देवी (दिनेश विश्वकर्मा की पत्नी) और अनिल विश्वकर्मा (दिनेश विश्वकर्मा का बड़ा भाई) शामिल है. पुलिस के अनुसार, यह परिवार मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के लेसरीगंज का रहने वाला है. ये लोग पिछले कई वर्षों से रामगढ़ के दत्तो में रह रहे थे और स्थानीय स्तर पर लोहार का काम करते थे. जिससे किसी को इन पर शक न हो.

कोयलांचल क्षेत्र में अपराधियों को होती थी सप्लाई

शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यहां तैयार किए जाने वाले अवैध हथियारों की सप्लाई स्थानीय कोयलांचल क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में की जाती थी. पुलिस का अनुमान है कि इन हथियारों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कोयला क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने, रंगदारी वसूलने और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता था. इस भंडाफोड़ के बाद हथियार तस्करों और स्थानीय अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य सिंडिकेट सदस्यों और खरीदारों का पता लगा रही है. इसके लिए इलाके में लगातार छापेमारी की जा रही है.

 

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