Ramgarh: जिले में अपराध नियंत्रण, सक्रिय अपराधियों की प्रभावी निगरानी और आपराधिक घटनाओं के त्वरित खुलासे को मजबूत करने के लिए एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर रामगढ़ पुलिस ने एक नई और तकनीक-आधारित पहल की शुरुआत की है. रामगढ़ पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जिले में 36 सदस्यीय क्राइम प्रिवेंटिंग एंड डिटेक्टिंग विंग का गठन किया गया है. इसके साथ ही चार्जशीटेड अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग और निगरानी के लिए एक विशेष डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल भी विकसित किया गया है.
1,971 अपराधियों का डेटाबेस और बुकलेट तैयार
जिले में हत्या, संगठित अपराध, अवैध हथियार, ड्रग्स, अवैध शराब, डकैती, लूट और रंगदारी जैसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 की अवधि के बीच विभिन्न आपराधिक मामलों में चार्जशीटेड कुल 1,971 अपराधियों को सूचीबद्ध करते हुए एक विस्तृत बुकलेट तैयार की है.


विभिन्न अपराधों में शामिल अपराधियों के आंकड़े (एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026)
– आर्म्स एक्ट: 338
– एनडीपीएस एक्ट: 83
– हत्या : 153
– रंगदारी: 97
– डकैती: 47
– लूट: 48
– छिनतई: 34
– चोरी : 343
– गृहभेदन: 109
– वाहन चोरी: 239
– उत्पाद अधिनियम: 196
– अन्य अपराध: 284
– कुल योग: 1971
कैसे काम करेगी नई 36 सदस्यीय विंग
नवगठित विंग में अनुमंडल एसडीपीओ, रामगढ़ और पतरातू, डीएसपी (मुख्यालय) रामगढ़, जिले के सभी इंस्पेक्टर, थाना, ओपी प्रभारी और प्रत्येक थाने से आवश्यकतानुसार नोडल पदाधिकारियों को शामिल किया गया है. यह पूरी विंग एसपी रामगढ़ के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण और निर्देशन में काम करेगी. विंग के कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए हर 15 दिन में बैठक आयोजित की जाएगी.

दोहरे आपराधिक सत्यापन पर जोर
एसपी ने निर्देश दिया है कि आरोप-पत्रित अपराधियों का भौतिक सत्यापन (जिस थाने में मामला दर्ज है) द्वारा किया जाएगा. यदि अपराधी किसी अन्य थाना क्षेत्र में रह रहा है, तो उसका सत्यापन किया जाएगा. इस तरह ‘दोहरे भौतिक सत्यापन’ की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.
डिजिटल पोर्टल से रखी जाएगी पैनी नजर
भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद प्रत्येक अपराधी की डिजिटल प्रोफाइलिंग इस नए पोर्टल पर की जाएगी. इस पोर्टल में अपराधी का पूरा इतिहास, सत्यापन का विवरण, वर्तमान निवास और उसके अपराध करने का तरीका समेत सभी आवश्यक सूचनाएं सुरक्षित रखी जाएंगी. इससे जेल से जमानत पर रिहा हुए अपराधियों की नियमित निगरानी आसान होगी और अंतर-थाना समन्वय बेहतर हो सकेगा.
सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश
एसपी ने सूची के आधार पर संबंधित अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, जिनमें शामिल हैं: डोसियर, निगरानी प्रस्ताव तैयार करना, सीसीए प्रस्ताव औरजमानत निरस्तीकरण के लिए आवेदन करना. रामगढ़ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अपराध और अपराधियों से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल स्थानीय थाने या रामगढ़ पुलिस को दें. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी.
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