Ranchi: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं में मेडल हासिल करने वाले किसी भी खिलाड़ी को आर्थिक तंगी के कारण सब्जी बेचने या अन्य कोई अतिरिक्त कार्य करने की नौबत नहीं आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना या शिकायत भविष्य में सामने नहीं आनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पदक विजेता खिलाड़ियों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाए, ताकि उनकी पहचान कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों को समय पर प्रोत्साहन राशि और सहयोग उपलब्ध कराया जा सके. इसके लिए ठोस योजना बनाने को कहा गया है.

खिलाड़ियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्ययोजना तैयार करें : हेमंत
बैठक में मुख्यमंत्री ने खेलगांव में स्थापित मेगा स्पोर्ट्स व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा भी की. उन्होंने इसके रख-रखाव, वित्त प्रबंधन तथा खिलाड़ियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही, इस व्यवस्था से जुड़े खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों के लिए भी बेहतर योजना बनाने को कहा.
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में बने कार्य योजना
मुख्यमंत्री ने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की दिशा में आवश्यक कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने विभिन्न खेल क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को झारखंड आमंत्रित कर उनका अनुभव साझा कराने तथा राज्य के खिलाड़ियों को अन्य राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने पर विशेष बल दिया. उनका मानना है कि खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को अन्य राज्यों के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केंद्रों, अकादमियों और संस्थाओं का भ्रमण कराए जाने से उनके खेल प्रदर्शन में और निखार आएगा. बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, खेल अवसंरचनाओं के विकास, पर्यटन स्थलों के उन्नयन, धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा राज्य के युवाओं के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई.
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