Ranchi: रांची जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग की कई गंभीर खामियां सामने आईं. इसके बाद अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए. बैठक में सबसे ज्यादा नाराजगी मैट्रिक और इंटरमीडिएट के खराब परीक्षा परिणामों को लेकर थी. डीसी ने स्पष्ट कहा कि जिन विद्यालयों में कक्षा 10वीं के 10 प्रतिशत से अधिक छात्र फेल हुए हैं, वहां के सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. वहीं इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और विज्ञान शिक्षकों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है.
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प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आभा कुमारी पर गिरी गाज
ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं करना प्रशासन को बेहद गंभीर लापरवाही लगा. समीक्षा में खुलासा हुआ कि जिले के 233 विद्यालय ऐसे हैं, जहां एक भी दिन अटेंडेंस अपलोड नहीं किया गया. इस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया. इतना ही नहीं, 1461 विद्यालयों में 10 दिनों से कम उपस्थिति दर्ज होने पर भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया. रांची सदर की प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आभा कुमारी पर भी गाज गिरी. विद्यालयों में लगातार अटेंडेंस नहीं दर्ज होने पर उपायुक्त ने उन्हें शो-कॉज जारी करते हुए उनका वेतन स्थगित करने का आदेश दिया. बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के 215 शिक्षकों ने ई-विद्या वाहिनी में एक भी दिन अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की. प्रशासन ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. उपायुक्त ने दो टूक कहा कि अब बिना ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किए किसी भी शिक्षक का वेतन निर्गत नहीं होगा. शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया. जिले के 1416 शिक्षक अब तक जे-गुरुजी ऐप पर CPD प्रशिक्षण शुरू नहीं कर पाए हैं. सभी शिक्षकों को सात दिनों के भीतर प्रशिक्षण शुरू करने का अल्टीमेटम दिया गया है. तय समय सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वालों का वेतन भी रोका जाएगा.

अपार आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान
उपायुक्त ने सरकारी और निजी विद्यालयों में बच्चों का अपार आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया. निजी स्कूलों को स्कूल खुलते ही विशेष कैंप लगाने को कहा गया है. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन लक्ष्य पूरा नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई. उपायुक्त ने सात दिनों के भीतर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी. बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि अब शिक्षा विभाग केवल पास प्रतिशत बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फर्स्ट डिवीजन और 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाएगा. स्कूल भवनों की खराब स्थिति पर भी उपायुक्त ने चिंता जताई और जर्जर भवनों में तत्काल पठन-पाठन बंद करने का निर्देश दिया. साथ ही डीएमएफटी और अन्य योजनाओं के तहत भवन निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने को कहा गया.



