Ranchi: रांची नगर निगम इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है. हालत यह है कि 100 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं का डीपीआर (DPR) तैयार होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा है. निगम का सीधा जवाब है कि “फंड आएगा, तभी काम होगा.” ऐसे में शहर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य महीनों से अटके पड़े हैं.
फंड के अभाव में निगम ने रोके काम
बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन सबसे जरूरी नाला निर्माण और मरम्मत का काम अब भी रुका हुआ है. इसके अलावा सड़क, पार्किंग और वेंडर मार्केट जैसी अहम परियोजनाएं भी फंड के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रही हैं. इसका सीधा असर शहर की व्यवस्था और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है.

फंड की कमी के कारण बोर्ड बैठक भी नहीं बुलाई जा रही
नगर निगम के गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि फंड की कमी के कारण बोर्ड बैठक भी नहीं बुलाई जा रही है. इससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. पार्षदों का कहना है कि जल्द से जल्द बोर्ड बैठक कराई जाए ताकि लंबित योजनाओं पर फैसला हो और विकास कार्यों में तेजी आए.
विकास कार्यों से ज्यादा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटी निगम
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर निगम फिलहाल विकास कार्यों से ज्यादा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटा है. उनका कहना है कि जिस वार्ड में कार्रवाई की जाती है, वहां के स्थानीय पार्षद तक को पहले से सूचना नहीं दी जाती. इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है और जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर होती है.
करोड़ों रुपये की योजनाएं फाइलों में बंद
नगर निगम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह सवाल उठने लगा है कि आखिर शहर का विकास कब रफ्तार पकड़ेगा. एक तरफ करोड़ों रुपये की योजनाएं फाइलों में बंद हैं, दूसरी तरफ बारिश के बीच जलजमाव और खराब सड़कों की समस्या लोगों के सामने खड़ी है.
एक और बरसात, अधूरे विकास के साथ
फिलहाल हालात ऐसे हैं कि डीपीआर तैयार है, योजनाएं मंजूरी का इंतजार कर रही हैं, लेकिन फंड का कोई ठिकाना नहीं है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि रांचीवासियों को यह बरसात भी अधूरे नालों, टूटी सड़कों और रुके विकास कार्यों के बीच ही गुजारनी पड़ सकती है.
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