Ranchi: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की ओर से राजधानी के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित तीन दिवसीय विशेष सुनवाई बुधवार को संपन्न हो गई. इसके बाद आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सुनवाई के लिए कुल 66 मामले सूचीबद्ध थे, जिनमें से 15 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया. ये मामले मुख्य रूप से उत्पीड़न, भूमि विवाद और सेवा संबंधी शिकायतों से जुड़े थे. उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान जमीन से जुड़े विवादों में CNT एक्ट के व्यापक उल्लंघन की बात सामने आई. आशा लकड़ा ने बताया कि रांची के अलग-अलग इलाकों में आदिवासियों को डरा-धमकाकर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया गया है. इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने रांची डीसी और एसएसपी को निर्देश दिया है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर वारंट जारी करें और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपें.
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बच्चे का शव थैले में रखकर ले जाने की घटना पर आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई
इसके अलावा वार्ड-26 स्थित हरमू अस्पताल के मामले में आयोग ने पाया कि नक्शा G+2 का स्वीकृत था लेकिन भवन G+3 बना दिया गया है. आयोग ने डीसी को निर्देश दिया कि संबंधित आदिवासी परिवार की वंशावली का सत्यापन सीओ से कराएं. वहीं आयोग की पहल पर बुधनी देवी को पेंशन मिलना शुरू हो गया है और पशुपालन विभाग की अलका कच्छप को लंबित प्रोमोशन मिल चुका है. इसके साथ ही चाईबासा जिले में एक बच्चे का शव थैले में रखकर 60 किलोमीटर दूर ले जाने की हृदयविदारक घटना पर आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई और स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो.
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