Ranchi: रांची पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस की टीम ने रंगदारी, हत्या और जानलेवा हमले की साजिश रचने वाले मुख्य सरगना अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने कटहल मोड़ के एक बड़े छड़-सीमेंट व्यवसायी की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी ली थी. इसके अलावा, वह रांची के चर्चित अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड का भी मुख्य मास्टरमाइंड रहा है. पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी.
कारोबारी राधेश्याम साहू पर जानलेवा हमला करने के लिए 20 लाख की सुपारी:
15 अक्टूबर 2025 को कटहल मोड़ के पास स्थित शांभवी इंटरप्राइजेज के मालिक और छड़-सीमेंट व्यवसायी राधेश्याम साहू पर दो अज्ञात अपराधियों ने उनकी दुकान के पास अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस हमले में व्यवसायी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस संबंध में नगड़ी थाना में कांड संख्या- 160/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.

ऐसे दबोचा गया मुख्य साजिशकर्ता:
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया. जांच के दौरान पूर्व में दो शूटरों को जेल भेजा जा चुका था, लेकिन मुख्य सरगना अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की छापेमारी टीम ने कोलकाता में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया. रांची लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने व्यवसायी राधेश्याम साहू की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी ली थी.
चर्चित अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड का खुलासा:
सूरज से पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी अभिषेक सिन्हा कांके थाना क्षेत्र के चर्चित अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड में भी मुख्य साजिशकर्ता और वांछित अपराधी था.
10 एकड़ पुश्तैनी जमीन का विवाद और हत्या की साजिश:
26 मार्च 2025 को कांके चौक के पास एक होटल में अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कांके थाना क्षेत्र के चामगुरू मौजा में स्थित 10 एकड़ पुश्तैनी भूखंड को लेकर देवव्रत नाथ शाहदेव और स्थानीय जोतकारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. अनिल टाइगर इस विवाद में जोतकारों का पक्ष ले रहा था. कई दौर की बातचीत विफल होने के बाद, परेशान होकर देवव्रत नाथ शाहदेव ने अपने घर के पास रहने वाले आदतन अपराधी अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा के साथ मिलकर अनिल टाइगर की हत्या की साजिश रची. अनिल टाइगर की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी, जिसमें से कुछ रकम बैंक ट्रांसफर के जरिए सूरज सिन्हा के खाते में भेजी गई. इसके साथ ही जमीन बिकने पर उसे एक बड़ा हिस्सा देने का लालच, मोबाइल और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए गए थे. रांची और कोलकाता में बैठकर रची गई इस साजिश के बाद 26 मार्च 2025 को दो शूटरों (अमन सिंह एवं रोहित वर्मा) की मदद से घटना को अंजाम दिया गया था.
