Newswave Desk: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट शुरू करने की संभावना पर काम कर रहा है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और इस पर विचार किया जा रहा है.

दुनिया के कई देशों में पहले से ही पॉलिमर नोटों का इस्तेमाल हो रहा है. इन नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत होते हैं और 10 से 15 साल तक चल सकते हैं. साथ ही ये आसानी से फटते नहीं हैं और इनमें सुरक्षा फीचर्स भी बेहतर होते हैं ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश था जिसने 1988 में पॉलिमर नोट जारी किए थे. आज वहां पूरी तरह प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल होता है. इसके अलावा कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और ब्रुनेई जैसे देशों ने भी इस व्यवस्था को अपना लिया है.
इन देशों की करंसी में कीमत देखें
अगर भारतीय 500 रुपये की इन देशों की करंसी में कीमत देखें तो ऑस्ट्रेलिया में इसकी वैल्यू करीब 7.34 ऑस्ट्रेलियन डॉलर होती है. कनाडा में 500 रुपये लगभग 7.29 कनाडाई डॉलर के बराबर होते हैं. वहीं ब्रिटेन में इसकी कीमत करीब 3.92 पाउंड स्टर्लिंग होती है. न्यूजीलैंड में 500 भारतीय रुपये लगभग 8.82 न्यूजीलैंड डॉलर के बराबर होते हैं. जबकि ब्रुनेई में इसकी वैल्यू करीब 6.71 ब्रुनेई डॉलर होती है.
पॉलिमर नोटों को ज्यादा सुरक्षित, टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोग के योग्य माना जाता है. यही कारण है कि दुनिया के कई देश तेजी से कागजी नोटों की जगह प्लास्टिक नोटों को अपना रहे हैं. अगर RBI की योजना आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में भारत में भी प्लास्टिक नोट देखने को मिल सकते हैं.
