Ranchi: झारखंड के सरकारी महकमों में पिछले कई दिनों से पसरा सन्नाटा अब मोबाइल के नोटिफिकेशन टोन से टूट गया है. ट्रेजरी सिस्टम में आई भारी तकनीकी गड़बड़ी, जिसे प्रशासनिक गलियारों में ट्रेजरी जाम या घोटाले की आशंका के रूप में देखा जा रहा था, उसके सुधरते ही राज्य सरकार के हजारों कर्मियों के वेतन भुगतान का रास्ता साफ हो गया है. गुरुवार सुबह से ही कर्मियों के मोबाइल पर सैलरी क्रेडिट होने के मैसेज आने शुरू हो गए हैं.
दफ्तरों में लौटी रफ्तार और चर्चा
जैसे ही वेतन की पहली किस्त कुछ विभागों में पहुंची, दफ्तरों का नजारा बदल गया. फाइलें जो आधे मन से पलटी जा रही थीं, उनमें अचानक रफ्तार आ गई. लेकिन इस खुशी के बीच कानाफूसी का माहौल भी बना रहा.
सैलरी आई क्या..?
कैंटीन से लेकर फाइल सेक्शन तक हर कोई एक-दूसरे से यही पूछता नजर आया. तोहार आ गैलो का रे. जब किसी ने अपना मोबाइल स्क्रीन दिखाया, तो बाकी चेहरों पर भी राहत और खुशी साफ दिखी.
घोटाले की चर्चा भी तेज
दफ्तर के एक कोने में कुछ कर्मचारी आपस में चर्चा करते नजर आए. एक वरिष्ठ क्लर्क बोले, यह सिर्फ तकनीकी दिक्कत नहीं थी, अंदर कुछ बड़ा मामला है, वरना इतने दिन पोर्टल बंद नहीं रहता. दूसरी ओर से जवाब आया, छोड़िए साहब, घोटाला था या पोर्टल एरर, कम से कम अब घर का खर्च चलने लगा.
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उधार चुकाने की चिंता
चर्चा सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं रही. कई कर्मचारी इस बात पर भी बात करते दिखे कि अब किसका उधार पहले चुकाया जाए. एक कर्मचारी ने कहा, मकान मालिक रोज गेट पर खड़ा हो जाता था, आज मैसेज दिखाकर ही घर में घुसेंगे.
EMI और पेनल्टी की परेशानी
कई कर्मी इस बात को लेकर भी चिंतित दिखे कि देरी की वजह से इस बार लोन की ईएमआई बाउंस हो गई है. अब पेनल्टी कौन भरेगा, इस पर भी चर्चा होती रही.
तकनीकी दिक्कत बनी वजह
पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से ट्रेजरी सर्वर में गंभीर समस्या थी, जिससे बिल पास नहीं हो पा रहे थे.
सरकार की सक्रियता से बहाल व्यवस्था
वित्त विभाग और आईटी विशेषज्ञों की टीम ने तेजी से काम करते हुए डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की और भुगतान प्रक्रिया को फिर से शुरू किया.
क्रमबद्ध तरीके से भुगतान जारी
सबसे पहले शिक्षा और पुलिस विभाग के कर्मियों के पास सैलरी के मैसेज पहुंचे. इसके बाद धीरे-धीरे अन्य विभागों में भी वेतन क्रेडिट होने की प्रक्रिया जारी है.
