Ranchi: राजधानी रांची में उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर सॉल्वर गिरोह की तरह SSC (GD/Constable) CAPF परीक्षा-2026 के दौरान हाईटेक तरीके से पेपर सॉल्व कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. गिरोह छह से दस लाख लेकर परीक्षा पास कराने की गारंटी लेता था. मामले का खुलासा करते हुए ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी. ग्रामीण एसपी ने टाटीसिलवे स्थित ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के सिस्टम को इंटरनेट और IP एड्रेस के जरिए रिमोट एक्सेस पर लेकर ‘स्क्रीन मिररिंग’ के माध्यम से प्रश्न हल कराए जा रहे थे. इसके एवज में अभ्यर्थियों से 6 से 10 लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे. पुलिस ने छापेमारी कर मौके से 02 मॉनिटर, 03 CPU, ब्रॉडबैंड डिवाइस, मोबाइल फोन, बैंक चेक और अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद करते हुए परीक्षा केंद्र संचालक, इनविजलेटर और IT कर्मी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

परीक्षा शुरू होने से पहले री-स्टार्ट हुआ सिस्टम, खुल गई साजिश
पुलिस के अनुसार, 21 मई को टाटीसिलवे स्थित जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के लैब-1 में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक कंप्यूटर सिस्टम को इनविजलेटर के इशारे पर री-स्टार्ट कराया गया. तकनीकी जांच में पता चला कि सिस्टम पहले से ही रिमोट एक्सेस पर लिया गया था. परीक्षा केंद्र के सामने किराए के मकान में बैठे गिरोह के सदस्य इंटरनेट और IP कनेक्शन के जरिए सिस्टम हैक कर प्रश्नपत्र हल कर रहे थे.
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मूल प्रमाण पत्र और बैंक चेक रखकर होती थी डील
पूछताछ में खुलासा हुआ कि बिहार के बिचौलियों के माध्यम से परीक्षा केंद्र कर्मियों की सेटिंग कराई गई थी. अभ्यर्थियों से 6 से 10 लाख रुपये में सौदा तय होता था. गिरोह सुरक्षा के तौर पर अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बैंक चेक अपने कब्जे में रख लेता था.
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक परीक्षार्थी, परीक्षा केंद्र का इनविजलेटर, केंद्र अधीक्षक और IT कर्मी शामिल हैं. सभी आरोपी बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
