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इस्तीफा : जॉज कुरियन नें केंद्रीय अल्पसंख्यक और मतस्य राज्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मंजूर

Resignation: जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक और मतस्य राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल...

Resignation: जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक और मतस्य राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से कुरियन का इस्तीफा मंजूर भी कर लिया. जॉर्ज कुरियन साल 2024 से मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद का हिस्सा थे और बीते दिनों जब उन्हें राज्यसभा सदस्यता के लिए कहीं से भी उम्मीदवार नहीं बनाया गया, उसी वक्त से जॉर्ज कुरियन की मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद से विदाई की चर्चा तेज हो गई थी. जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा का छह साल का कार्यकाल बीती 21 जून को पूरा हो गया और आज उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

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क्यों इस्तीफा दिया जॉर्ज कुरियन ने?

जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे की कई वजह बताई जा रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल चुनाव में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन न करने का खामियाजा जॉर्ज कुरियन को भुगतना पड़ा है. दावा किया जा रहा है कि इसी वजह से जॉर्ज कुरियन को राज्यसभा के लिए फिर से नामित नहीं किया गया और अब उनकी मंत्रिपरिषद से भी विदाई हो गई. कुरियन के सहारे भाजपा केरल में 19 प्रतिशत ईसाई आबादी को साधने की योजना बना रही थी. त्रिशूर में भाजपा की एकमात्र लोकसभा सीट जीत में भी ईसाई मतदाताओं की अहम भूमिका थी. केरल में हिंदू मतदाता बंटे हुए हैं. ऐसे में भाजपा को केरल में अपने पैर जमाने के लिए ईसाई मतदाताओं की जरूरत है. हालांकि केरल विधानसभा चुनाव में जिस तरह के नतीजे आए, उससे शायद भाजपा खुश नहीं है.कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि भाजपा ने कुरियन को राज्यसभा के लिए फिर से नामित नहीं किया था, जिसके चलते कुरियन नाराज थे और इसी नाराजगी में उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का फैसला किया.

1980 में भाजपा से जुड़े जॉर्ज कुरियन

केरल से ताल्लुक रखने वाले 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन साल 1980 से भाजपा से जुड़े. वे केरल के प्रमुख साइरो मालाबार कैथोलिक चर्च के सदस्य भी हैं. कुरियन पेशे से वकील हैं और सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर चुके हैं. अल्पसंख्यक मामलों के अलावा कुरियन मोदी सरकार में मतस्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी बतौर राज्य मंत्री सेवाएं दे रहे थे. वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और रेल मंत्रालय में पूर्व राज्यमंत्री ओ राजागोपाल के ओएसडी भी काम कर चुके हैं. कुरियन केरल में भाजपा संगठन में भी कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं और प्रदेश महासचिव, भाजयुमो के राष्ट्रीय महासचिव और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी हिस्सा रहे हैं.

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