Ranchi: भाजपा ने प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कहा है कि झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल ‘रिम्स आज गरीब मरीजों के लिए जीवनदायिनी बनने के बजाय उनके आर्थिक और मानसिक शोषण का केंद्र बन चुका है. बुनियादी सुविधाओं के अभाव और सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण सूबे की गरीब जनता आज भी भगवान भरोसे है.

विश्राम गृह में खुली लूट: 25 की जगह 240 रुपए की वसूली
अभय सिंह ने आरोप लगाया कि रिम्स में दलालों, ठेकेदारों और कुछ रसूखदारों की मिलीभगत से अराजकता चरम पर है. अस्पताल के विश्राम गृह में ठहरने के लिए जहां सरकार द्वारा महज 25 रुपए का शुल्क तय है, वहीं कैंटीन संचालक और ठेकेदार असहाय मरीजों के परिजनों से 240 रुपए तक की अवैध वसूली कर रहे हैं.
राजधानी चकाचक, पर सुदूर गांवों में पसरा मातम
अभय सिंह ने कहा कि पोटका प्रखंड में मलेरिया जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारी के कारण 8 मासूम ग्रामीणों को इलाज न मिलने की वजह से जान गंवानी पड़ी. हजारीबाग के एक गांव में सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस तक नहीं पहुंच सकी. नतीजतन, आदिम बिरहोर जनजाति की एक महिला के शव को ग्रामीण खटिया पर लादकर दो किलोमीटर पैदल ले जाने को मजबूर हुए.
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वीआईपी को बाहर का इलाज, जनता राम भरोसे
अभय सिंह ने कहा कि सत्ता में बैठे रसूखदार, मंत्रियों और विधायकों का इलाज राज्य से बाहर देश के सबसे महंगे और नामी अस्पतालों में कराया जाता है, जबकि टैक्स भरने वाली आम जनता को बदहाल भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है.


