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आरएसएस कार्यालय पेट्रोल बम हमला मामला: लोहरदगा पहुंची एटीएस टीम, आरोपितों के घरों में की पूछताछ, जांच तेज

Reporter: Amit Verma Lohardaga: रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले...

Lohardaga
आरोपी सैफ का घर

Reporter: Amit Verma

Lohardaga: रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले की जांच अब और तेज हो गई है. इसी क्रम में शुक्रवार को झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की विशेष टीम लोहरदगा पहुंची और गिरफ्तार आरोपियों के घरों तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में जाकर विस्तृत जांच-पड़ताल की. एटीएस अधिकारियों ने आरोपियों के स्वजनों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया.

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सैफ अंसारी के घर की अधिकारियों ने ली तलाशी

जानकारी के अनुसार, एटीएस की टीम पांच वाहनों के काफिले के साथ सुबह लोहरदगा पहुंची. सबसे पहले टीम शहरी क्षेत्र के राहत नगर स्थित गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी के घर पहुंची. यहां अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की. इसके बाद टीम ने दूसरे आरोपित अमन अंसारी उर्फ गोलू के घर पहुंचकर भी जांच की और उसके स्वजनों से विस्तृत जानकारी ली.

आरोपितों की पारिवारिक पृष्ठभूमि और आर्थिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी एकत्रित कर रही एटीएस

पूछताछ के दौरान एटीएस अधिकारियों ने आरोपितों की पारिवारिक पृष्ठभूमि, उनके सामाजिक संबंध, आर्थिक गतिविधियों, बैंकिंग और रुपयों के लेन-देन, मित्र मंडली तथा हाल के दिनों में उनके संपर्कों के संबंध में जानकारी एकत्रित की. जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है, कि आरोपितों का किसी संगठित नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों से कोई संबंध था या नहीं. हालांकि एटीएस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

स्थानीय सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सैफ अंसारी के पिता से भी अधिकारियों ने पूछताछ की. कुछ समय के लिए उन्हें अपने साथ रखा गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भी अधिकारियों से कई सवाल किए. पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ लगी रही और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं.

घटना की योजना कैसे बनाई गई इसे बारे में पता लगा रही जांच एजेंसी

एटीएस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी बातचीत कर आरोपितों के व्यवहार, दिनचर्या और स्थानीय गतिविधियों के बारे में जानकारी ली. जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है, कि घटना की योजना कैसे बनाई गई और इसमें अन्य लोगों की भूमिका रही या नहीं. सूत्रों का कहना है कि एटीएस मामले के हर पहलू को गंभीरता से खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मानवीय सूचनाओं को भी एकत्रित किया जा रहा है.

फिलहाल आधिकारिक रूप से नहीं दी गई कोई जानकारी

मामले में एटीएस के पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की और बाद में व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों का भी जवाब नहीं मिला. ऐसे में जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और एटीएस को अब तक क्या महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगे हैं, इस पर फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है.

उधर लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने कहा, कि इस पूरे मामले में उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है और उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. एसपी के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मामले की जांच सीधे एटीएस के स्तर पर की जा रही है.

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है, कि 16 जून की रात रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस के झारखंड प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना सामने आई थी. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एटीएस ने जांच शुरू की थी. जांच के दौरान लोहरदगा निवासी सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को कोडरमा जिले के गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया. दोनों की निशानदेही पर तीसरे आरोपित सायम सुजान को रांची के लोवर बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. तीनों आरोपित लोहरदगा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं.

फिलहाल एटीएस की जांच जारी है और एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है. लोहरदगा में एटीएस की सक्रियता के बाद जिले में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है. अब सभी की नजर जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है.

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